भारतीय यात्री वाहन बाजार में टाटा मोटर्स ने इस साल शानदार प्रदर्शन करते हुए बाजार हिस्सेदारी के मामले में सबसे बड़ी बढ़त दर्ज की है। जनवरी से अगस्त 2026 के बीच कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 12.62 प्रतिशत से बढ़कर 14.29 प्रतिशत हो गई। छह प्रमुख वाहन निर्माताओं के बीच यह सबसे बड़ी वृद्धि रही। इस प्रदर्शन के साथ टाटा मोटर्स यात्री वाहन बाजार में चौथे स्थान से छलांग लगाकर दूसरे पायदान पर पहुंच गई है।
‘वाहन’ के पंजीकरण आंकड़ों के अनुसार, टाटा मोटर्स ने जनवरी-अगस्त 2026 के दौरान 4,94,370 यात्री वाहनों का पंजीकरण कराया। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 3,60,245 था। यानी कंपनी के पंजीकरण में 37.2 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि हुई। इसकी तुलना में देश के यात्री वाहन बाजार में कुल वृद्धि करीब 21.2 प्रतिशत रही।
खास बात यह है कि टाटा की यह कामयाबी केवल इलेक्ट्रिक वाहनों के दम पर नहीं आई। इलेक्ट्रिक वाहनों को अलग कर देखें तो कंपनी के पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों का पंजीकरण करीब 30.1 प्रतिशत बढ़कर 4,08,188 हो गया। जनवरी से अगस्त के दौरान कंपनी के अतिरिक्त 1,34,125 वाहनों के पंजीकरण में करीब 70 प्रतिशत योगदान गैर-इलेक्ट्रिक वाहनों का रहा। इससे स्पष्ट है कि टाटा का पारंपरिक वाहन पोर्टफोलियो अभी भी बिक्री बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
कंपनी की बिक्री में पंच और नेक्सन जैसे लोकप्रिय मॉडल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इसके अलावा अल्ट्रोज और टियागो जैसे मॉडलों के साथ एसयूवी पोर्टफोलियो के विस्तार ने भी ग्राहकों को आकर्षित किया। टाटा ने अलग-अलग इंजन विकल्पों और नए मॉडलों के जरिए अपनी पेशकश को लगातार मजबूत किया है।
इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में भी कंपनी ने अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। नेक्सन ईवी और पंच ईवी के अलावा कर्व ईवी और हैरियर ईवी जैसे नए मॉडल जोड़कर टाटा ने इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो का विस्तार किया है।
इस प्रदर्शन का असर प्रतिस्पर्धी कंपनियों की रैंकिंग पर भी पड़ा है। पिछले साल जनवरी-अगस्त में दूसरे स्थान पर रही महिंद्रा एंड महिंद्रा अब तीसरे स्थान पर आ गई, जबकि हुंडई चौथे पायदान पर पहुंच गई है।