रेलवे ने दी 675 करोड़ की मंजूरी, सुरक्षा से माल ढुलाई तक होगा बड़ा बदलाव

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने यात्री सुरक्षा, आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था और माल ढुलाई क्षमता को मजबूत करने के लिए तीन अहम परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर कुल 675 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें समस्तीपुर मंडल के 21 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, दक्षिण पूर्व रेलवे में अद्रा-जॉयचंडीपहाड़-सांका बाईपास लाइन और मुरादाबाद मंडल के 712 रूट किलोमीटर में कवच 4.0 प्रणाली की स्थापना शामिल है।

पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल में 21 स्टेशनों पर पुराने पैनल इंटरलॉकिंग सिस्टम को इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से बदला जाएगा। इसके लिए 233 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। कंप्यूटर आधारित यह आधुनिक प्रणाली पुराने रिले आधारित सिस्टम की तुलना में अधिक विश्वसनीय मानी जाती है। इससे सिग्नलिंग में खराबी की पहचान और रखरखाव आसान होगा। साथ ही, भविष्य में इन स्टेशनों पर कवच प्रणाली के विस्तार के लिए जरूरी आधुनिक बुनियादी ढांचा भी तैयार होगा।

दक्षिण पूर्व रेलवे में अद्रा से जॉयचंडीपहाड़ के बीच 11 किलोमीटर लंबी बाईपास लाइन बनाई जाएगी। इस परियोजना के लिए 272 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। बाईपास बनने से मौजूदा परिचालन बाधाओं और सतही क्रॉसिंग के कारण होने वाली देरी को कम करने में मदद मिलेगी। मालगाड़ियों के लिए अलग मार्ग मिलने से परिचालन अधिक सुचारू होगा। परियोजना से प्रतिदिन अनुमानित 6.065 मालगाड़ियों की आवाजाही को सुविधा मिलने और अतिरिक्त 8.88 एमटीपीए माल यातायात क्षमता विकसित होने की उम्मीद है।

वहीं, उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल में बचे हुए 712 रूट किलोमीटर हिस्से में कवच 4.0 लगाने के लिए 170 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच सिग्नल पार करने की खतरनाक स्थिति को रोकने, जरूरत पड़ने पर स्वतः ब्रेक लगाने और ट्रेन की गति नियंत्रित करने में मदद करती है।

रेलवे के मुताबिक, इन तीनों परियोजनाओं से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ सिग्नलिंग आधुनिकीकरण, माल परिवहन की गति और रेलवे नेटवर्क की समग्र क्षमता में महत्वपूर्ण सुधार होगा।

 

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