उत्तरकाशी। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और प्रमुख मार्गों पर बढ़ते अतिक्रमण को गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित विभागों को अभियान चलाकर स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण को चिन्हित करने तथा समन्वय के साथ उन्हें हटाने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
बैठक के दौरान जिले के चिन्हित ब्लैक स्पॉट, सड़क सुधार कार्य और यातायात नियमों के अनुपालन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के 131 किलोमीटर, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के 14 किलोमीटर और राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत आने वाले 31 किलोमीटर सड़क मार्गों के संवेदनशील हिस्सों को 15 अक्टूबर तक अभियान चलाकर गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए।
बैठक में ईई लोनिवि दीपक नौटियाल ने जुलाई में हुई सड़क दुर्घटनाओं, मृतकों और घायलों की संख्या का तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने सड़क सुरक्षा को लेकर प्रवर्तन विभाग की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी भी दी।
जिलाधिकारी ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों के चिन्हीकरण और उनके सुधारीकरण की प्रगति की समीक्षा की। इसके अलावा राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के रोड सेफ्टी ऑडिट की स्थिति की भी जानकारी ली।
उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को दुर्घटना के बाद के बेहद महत्वपूर्ण ‘गोल्डन ऑवर’ में बिना वित्तीय या प्रशासनिक बाधा के समय पर निर्बाध और कैशलेस चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया। पात्र लाभार्थियों को पीएम राहत योजना के तहत समयबद्ध सहायता दिलाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में सीओ जनक पंवार, एआरटीओ स्वर्ण नौटियाल सहित संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े, जबकि ईई लोनिवि दीपक नौटियाल बैठक में मौजूद रहे।