देहरादून, राष्ट्रीय खेल दिवस-2026 के अवसर पर उत्तराखंड के खेल क्षेत्र को नई दिशा देने की पहल शुरू की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय और मानसखंड खेल परिसर के प्रथम चरण के 43.50 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के प्रथम शैक्षणिक सत्र का भी शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों तथा उनके प्रशिक्षकों को सम्मानित किया। इस दौरान देवभूमि उत्तराखंड खेल रत्न, द्रोणाचार्य, लाइफ टाइम अचीवमेंट और हिमालय रत्न पुरस्कार प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से खेल छात्रवृत्ति भी दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रीड़ा विश्वविद्यालय की स्थापना से उत्तराखंड के खिलाड़ियों को खेल शिक्षा और आधुनिक प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। विश्वविद्यालय आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड को देश की अग्रणी ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।
धामी ने बताया कि 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत मासिक खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है। वहीं 14 से 23 वर्ष के खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरणों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। खिलाड़ियों के लिए चोट और आकस्मिक परिस्थितियों में बीमा तथा आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की गई है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए आउट ऑफ टर्न सरकारी सेवायोजन की व्यवस्था की गई है। इसके तहत अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा मिल चुकी है। राज्य में 23 नई हाईटेक खेल अकादमियां स्थापित करने की दिशा में भी काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एक जनपद-एक खेल’ योजना के जरिए स्थानीय खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के राष्ट्रीय खेलों में अधिक पदक हासिल करने और ओलंपिक-2036 में उत्तराखंड के खिलाड़ियों की मजबूत मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए अभी से विशेष रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
खिलाड़ियों की फिटनेस और प्रदर्शन के मूल्यांकन के लिए ‘मौली एआई एप्लीकेशन’ विकसित किया गया है। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रतिभा के रास्ते में संसाधनों की कमी बाधा नहीं बनने दी जाएगी।