जापान में बसने का सपना पड़ेगा महंगा, PR फीस में 1900% तक बढ़ोतरी

टोक्यो, जापान में लंबे समय तक रहने या स्थायी रूप से बसने की योजना बना रहे विदेशी नागरिकों के लिए 1 अक्टूबर से नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। जापानी कैबिनेट ने स्थायी निवास यानी परमानेंट रेजिडेंस (PR) और विभिन्न वीजा प्रक्रियाओं की फीस में बड़ी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। नई दरें लागू होने के बाद जापान में स्थायी निवास के लिए आवेदन करना पहले की तुलना में काफी महंगा हो जाएगा।

नए नियमों के तहत स्थायी निवास (PR) के आवेदन की फीस 10,000 येन से बढ़ाकर 200,000 येन कर दी गई है। भारतीय मुद्रा में यह राशि करीब 1.2 लाख रुपये के आसपास बैठती है। यानी PR आवेदन शुल्क में करीब 1900 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी की गई है। इससे जापान में लंबे समय तक रहने की योजना बना रहे लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की संभावना है।

इसके अलावा वीजा बदलने या रेजिडेंसी अवधि बढ़ाने की प्रक्रिया के लिए भी नई शुल्क व्यवस्था लागू होगी। अभी तक इन प्रक्रियाओं के लिए 6,000 येन का एक समान शुल्क लिया जाता था। लेकिन 1 अक्टूबर से शुल्क आवेदक द्वारा मांगी गई रहने की अवधि के आधार पर तय किया जाएगा।

नई व्यवस्था के अनुसार, तीन महीने तक की अवधि बढ़ाने के लिए 10,000 येन शुल्क देना होगा। वहीं, एक वर्ष तक की अवधि के लिए यह शुल्क 33,000 येन होगा। पांच वर्ष या उससे अधिक अवधि के लिए रेजिडेंसी बढ़ाने पर आवेदक को अधिकतम 75,000 येन तक भुगतान करना पड़ सकता है।

जापान सरकार की ओर से फीस में यह बदलाव ऐसे समय किया गया है, जब देश आव्रजन और स्थायी निवास से जुड़े नियमों को लेकर अपनी नीतियों में बदलाव कर रहा है। बढ़ी हुई फीस का असर उन विदेशी नागरिकों पर पड़ेगा जो जापान में नौकरी, शिक्षा या अन्य कारणों से लंबे समय तक रहना चाहते हैं।

1 अक्टूबर की तारीख ऐसे सभी आवेदकों के लिए महत्वपूर्ण हो गई है, जो जापान में अपने भविष्य की योजना बना रहे हैं। नई फीस लागू होने से पहले आवेदन करने वाले और उसके बाद आवेदन करने वालों पर अलग-अलग शुल्क लागू हो सकता है। इसलिए आवेदकों के लिए नई व्यवस्था और संबंधित नियमों की जानकारी लेना महत्वपूर्ण होगा।

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