नई दिल्ली, मानसून के दौरान देश के कई हिस्सों में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है और अधिकांश संक्रमण हल्के होते हैं।
IMA की ओर से बुधवार को जारी एडवाइजरी में बताया गया कि H1N1 संक्रमण में आमतौर पर अचानक तेज बुखार, ठंड लगना, लगातार सूखी खांसी, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द, थकान, सिरदर्द और नाक बहने या बंद होने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। बच्चों में इन लक्षणों के साथ मतली, उल्टी या दस्त की समस्या भी देखने को मिल सकती है।
चिकित्सकों ने लोगों को बिना सलाह एंटीबायोटिक लेने से बचने की अपील की है। विशेषज्ञों के अनुसार H1N1 एक वायरल संक्रमण है और एंटीबायोटिक दवाएं वायरस पर प्रभावी नहीं होती हैं। इसलिए किसी भी दवा का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना उचित है।
IMA ने कुछ गंभीर लक्षणों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, होंठों का नीला पड़ना, खून वाली खांसी, अत्यधिक सुस्ती या लगातार उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दें तो मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाना चाहिए।
संक्रमण से बचाव के लिए हाथों की नियमित सफाई, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकना तथा भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। बीमार होने पर घर पर रहना और दूसरों के संपर्क से बचना भी संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद कर सकता है।
दिल्ली सरकार के आंकड़ों के अनुसार राजधानी में अब तक H1N1 के 2308 मामले सामने आए हैं। वहीं, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार फिलहाल सामने आ रहा वायरस मौसमी स्वाइन फ्लू है और इसमें किसी नए खतरनाक म्यूटेशन की पुष्टि नहीं हुई है।
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि लक्षणों को नजरअंदाज न करें, लेकिन अनावश्यक डर भी न पैदा करें। समय पर चिकित्सकीय सलाह और सामान्य सावधानियों से संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सकता है।