देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में राज्यहित से जुड़े 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में सहकारिता, स्वास्थ्य, लोकायुक्त, ऊर्जा, उपनल कर्मियों, अग्निवीरों, शहीद सैनिकों और शहरी विकास से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक के बाद महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट निर्णयों की जानकारी दी।
कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारी नीति-2025 के अनुरूप प्रदेश की नई सहकारिता नीति तैयार करने को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाना है। सरकारी सेवकों के वेतन नियमों में भी संशोधन को स्वीकृति दी गई।
स्वास्थ्य क्षेत्र में दवाओं, सर्जिकल सामग्री, उपकरण और इंप्लांट की पारदर्शी खरीद के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन गठित करने का निर्णय लिया गया। हरिद्वार मेडिकल कॉलेज की एक एकड़ भूमि राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र की शाखा के लिए 99 वर्ष की लीज पर देने को भी मंजूरी मिली। यहां बीएसएल-3 स्तर की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
लोकायुक्त के अध्यक्ष और सदस्यों के चयन के लिए खोजबीन समिति के कामकाज को निर्धारित करने हेतु नई नियमावली बनाने पर सहमति बनी।
उपनल कर्मियों के लिए कैबिनेट का फैसला महत्वपूर्ण रहा। समान कार्य-समान वेतन का लाभ तीन चरणों में देने पर सहमति बनी है। साथ ही पात्र पुराने कर्मियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ देने का रास्ता भी साफ किया गया।
सेवामुक्त अग्निवीरों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए छह पदों वाला समर्पित प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। ऊर्जा क्षेत्र में अडानी पावर से 25 वर्षों के लिए 1320 मेगावाट बिजली खरीदने को मंजूरी दी गई है।
कैबिनेट ने शहीद सैनिकों की प्रतिमाएं उनके पैतृक गांवों में स्थापित करने का भी निर्णय लिया। इसके अलावा देहरादून में 116 आवासों के आवंटन, विभिन्न शहरों में सीवरेज-पेयजल परियोजनाओं, ऋषिकेश में विकास कार्यों और कैंसर मरीजों के लिए हॉस्पिस केयर सेंटर से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।