चंडीगढ़। देशभर की जेलों में बंद सिखों की रिहाई और पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी जगतार सिंह हवारा की पैरोल की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को पंजाब बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला। सुबह सात बजे से शुरू हुए बंद के कारण राज्य के कई जिलों में बाजार, दुकानें और सब्जी मंडियां बंद रहीं, जबकि कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क और राजमार्गों पर धरना देकर यातायात प्रभावित किया।
कौमी इंसाफ मोर्चा का प्रमुख केंद्र मोहाली है, जहां वर्ष 2023 से वाईपीएस चौक पर धरना चल रहा है। शुक्रवार को बंद के दौरान मोहाली के अलावा डेराबस्सी और लालडू में भी बाजार पूरी तरह बंद नजर आए। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए राज्य के कई निजी स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया।
बंद के कारण कई बस अड्डों से बसों को बाहर नहीं निकलने दिया गया। मोहाली में एयरपोर्ट रोड और वाईपीएस चौक पर निहंगों ने मोर्चा संभाला। सामान्य ड्यूटी पर जा रहे लोगों को रोके जाने को लेकर कुछ स्थानों पर विवाद और हंगामे की स्थिति भी बनी। पठानकोट, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर में भी बंद का असर देखने को मिला। कई जगह बस अड्डों के बाहर प्रदर्शनकारियों ने धरना दिया।
कौमी इंसाफ मोर्चा के समर्थक विभिन्न इलाकों में घूमकर दुकानदारों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील करते रहे। कुछ स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग और स्टेट हाईवे पर भी जाम लगाया गया, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी हुई।
खरड़-चंडीगढ़ हाईवे पर प्रदर्शन के दौरान एक युवक को रोके जाने से विवाद हो गया। युवक ने बताया कि उसे परीक्षा देने के लिए आगे जाना है, जबकि प्रदर्शनकारियों ने उसके कंपनी का मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव होने का दावा किया। प्रदर्शनकारियों ने उसके बैग की जांच की, जिसके बाद युवक नाराज हो गया। वहीं, पठानकोट में बंद का असर अपेक्षाकृत मिला-जुला रहा।