रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। सोमवार को प्रदर्शन का 24वां दिन रहा। छात्रों की मांगों और लंबे समय से चल रहे विरोध को देखते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने का आग्रह किया है।
राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा छात्रों से सीधे संवाद करने से उनकी समस्याओं को समझने और लंबित चिंताओं के समाधान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रदर्शन कर रहे छात्रों की बात गंभीरता से सुनने और उनकी मांगों के समाधान के लिए जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की।
पत्र में राहुल गांधी ने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि कांग्रेस छात्रों और युवाओं के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखना छात्रों का संवैधानिक अधिकार है और इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि कांग्रेस लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों का समर्थन करती रही है। पार्टी ने इन मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के साथ खड़े रहने का फैसला किया है।
उन्होंने विशेष रूप से उन अभ्यर्थियों का जिक्र किया जो अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करें और उनकी समस्याओं का तत्काल तथा ठोस समाधान निकालने की दिशा में कदम उठाएं।
झारखंड में यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग कर रहे हैं।
राहुल गांधी की चिट्ठी के बाद अब छात्रों के मुद्दे पर राज्य सरकार पर राजनीतिक दबाव भी बढ़ गया है। सभी की नजर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अगले कदम पर है।