संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को राम मंदिर में चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। संसद परिसर में एकजुट हुए विपक्षी सांसदों ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान संसद परिसर में नारेबाजी हुई और सरकार से दोनों मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग की गई।
प्रदर्शन नवीन संसद भवन और संविधान सदन के बीच आयोजित किया गया। इसके बाद विपक्षी सांसद गांधी प्रतिमा के निकट एकत्र हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। सांसदों के हाथों में एक बड़ा पोस्टर भी था, जिस पर लिखा था, “अमित शाह जवाब दो।” विपक्ष का कहना था कि छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित तौर पर कठोर पुलिस कार्रवाई की गई, लेकिन सरकार इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देने से बच रही है।
विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग उठाई।
इस प्रदर्शन में कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव, अवधेश प्रसाद सहित कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के कई सांसद शामिल हुए। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि सरकार को संसद के भीतर और बाहर उठ रहे इन सवालों का जवाब देना चाहिए तथा दोनों मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
विपक्ष का कहना है कि संसद लोकतांत्रिक विमर्श का सबसे बड़ा मंच है और सरकार को जनता से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेह होना चाहिए। वहीं, इन मुद्दों को लेकर संसद के भीतर भी राजनीतिक टकराव तेज रहने के आसार हैं। मानसून सत्र के दौरान इन विषयों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस और तीखी होने की संभावना जताई जा रही है।