24 घंटे में फिर कांपी धरती, फिलीपींस में लगातार दूसरे दिन आया शक्तिशाली भूकंप

मनीला। प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले फिलीपींस में लगातार दूसरे दिन शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए। गुरुवार तड़के आए 6.3 तीव्रता के भूकंप ने एक बार फिर लोगों में दहशत फैला दी। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस भूकंप के बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई और शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह टेक्टोनिक भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 5:41 बजे आया। इसका केंद्र बालुट द्वीप के तट से करीब 99 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में समुद्र के भीतर स्थित था। भूकंप की गहराई लगभग 10 किलोमीटर दर्ज की गई, जिसके कारण आसपास के इलाकों में तेज झटके महसूस किए गए।

यह 24 घंटे के भीतर क्षेत्र में आया दूसरा बड़ा भूकंप है। इससे पहले बुधवार को दावाओ ऑक्सिडेंटल प्रांत के समुद्री क्षेत्र में 6.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। वह दोपहर 12:14 बजे आया था और उसकी गहराई लगभग 13 किलोमीटर थी। फिलीपींस के भूकंप निगरानी संस्थान ने दोनों भूकंपों के बाद स्पष्ट किया कि सुनामी का कोई खतरा नहीं है।

विशेषज्ञों के अनुसार, फिलीपींस दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है। इसका प्रमुख कारण यह है कि यह प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की लगातार गतिविधियों के कारण अक्सर भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट और सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाएं आती रहती हैं।

हालिया भूकंपों ने लोगों को 8 जून की उस विनाशकारी आपदा की याद भी दिला दी, जब आए शक्तिशाली भूकंप में इमारतें ढह गई थीं, कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ था और मिंडानाओ द्वीप पर कम से कम 76 लोगों की मौत हो गई थी। उस भूकंप के कारण कोटाबाटो ट्रेंच में बड़ा भू-वैज्ञानिक परिवर्तन हुआ था और समुद्र तल करीब दो मीटर तक ऊपर उठ गया था, जिससे कोरल रीफ और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को भी गंभीर नुकसान पहुंचा था।

 

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