इस्लामाबाद। पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सुहैल अफरीदी ने चेतावनी दी है कि यदि पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान को न्याय नहीं मिला, तो पार्टी 27 सितंबर को इस्लामाबाद की ओर बड़ा मार्च निकालेगी। यह घोषणा पेशावर में आयोजित एक विशाल रैली के दौरान की गई, जो इमरान खान के जेल में तीन वर्ष पूरे होने से पहले आयोजित हुई।
रैली को संबोधित करते हुए अफरीदी ने कहा कि पीटीआई की पहली मांग है कि इमरान खान और उनकी पत्नी के खिलाफ चल रहे मामलों की जल्द सुनवाई हो और अदालतें तथ्यों एवं मेरिट के आधार पर फैसला सुनाएं। उन्होंने कहा कि पार्टी न्याय की मांग कर रही है, किसी तरह की रियायत या खैरात नहीं।
अफरीदी ने दूसरी प्रमुख मांग रखते हुए कहा कि इमरान खान को उनकी कानूनी टीम, डॉक्टरों, रिश्तेदारों और पार्टी नेताओं से मिलने की अनुमति दोबारा दी जाए। उनका दावा था कि यदि निष्पक्ष न्याय हुआ तो इमरान खान को 30 मिनट के भीतर रिहा किया जा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो देशभर से पीटीआई समर्थक इस्लामाबाद की ओर कूच करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी संवैधानिक और लोकतांत्रिक दायरे में रहकर अपना आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने दावा किया कि खैबर पख्तूनख्वा, पंजाब, सिंध और बलूचिस्तान से बड़ी संख्या में लोग रैली में पहुंचे, जो इमरान खान के प्रति जनता के लगातार बने समर्थन का संकेत है।
अफरीदी ने आरोप लगाया कि जेल में इमरान खान को लंबे समय तक अकेले रखा गया और उनकी बहनों के साथ मुलाकात के दौरान भी दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने 26वें और 27वें संवैधानिक संशोधनों की आलोचना करते हुए कहा कि इनसे न्यायपालिका की स्वतंत्रता प्रभावित हुई है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अप्रैल 2022 में सत्ता परिवर्तन के बाद पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था कमजोर हुई और खासकर खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवाद फिर बढ़ा है। अफरीदी ने मौजूदा सरकार पर पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते खराब करने और वंशवादी राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि पीटीआई इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेगी।