बिहार में सफाईकर्मियों की हड़ताल से कचरे का अंबार, रात में पुलिस के पहरे में सफाई

बिहार में नगर निकायों के सफाईकर्मियों और ड्राइवरों की हड़ताल शनिवार को भी जारी रही। करीब 42 हजार कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से राज्य के कई शहरों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। गली-मोहल्लों से नियमित रूप से कचरा नहीं उठने के कारण जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। इससे लोगों को बदबू और गंदगी के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं, लंबे समय तक कचरा जमा रहने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

राजधानी पटना में स्थिति ज्यादा चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पटना नगर निगम के करीब पांच हजार कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। शहर में सफाई व्यवस्था को पूरी तरह ठप होने से बचाने के लिए नगर निगम ने वैकल्पिक इंतजाम किए हैं। हालांकि, आरोप है कि हड़ताल कर रहे कर्मचारी वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कचरा उठाने वाले कर्मचारियों को काम करने से रोक रहे हैं।

मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम आयुक्त ने काम में बाधा डालने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद पटना के कई इलाकों में पुलिस की मौजूदगी में कचरा उठाने का काम कराया जा रहा है। विरोध से बचने के लिए निगम की ओर से कई जगहों पर रात के समय सफाई अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस की निगरानी में कचरे का उठाव कर शहर की व्यवस्था को संभालने की कोशिश की जा रही है।

इधर, दरभंगा और समस्तीपुर में भी हड़ताली सफाईकर्मियों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। कर्मचारियों ने नगर निगम कार्यालय के बाहर धरना देकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हड़ताल के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से स्थानीय लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।

कर्मचारियों की हड़ताल के बीच अब सबसे बड़ी चुनौती शहरों में जमा हो रहे कचरे को जल्द से जल्द हटाना है। यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो बारिश के मौसम में जलजमाव और गंदगी के कारण बीमारी फैलने का खतरा और बढ़ सकता है। ऐसे में सरकार और कर्मचारियों के बीच जल्द समाधान निकलना जरूरी माना जा रहा है।

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