राजस्व बढ़ाने को विश्व बैंक की मदद, उत्तराखंड के कई विभाग जुड़ेंगे नई परियोजना से

देहरादून। उत्तराखंड में राजस्व संग्रहण बढ़ाने और वित्तीय प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विश्व बैंक सहायतित एसपीएफएम (SPFM) परियोजना की तैयारियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को उत्तराखंड दौरे पर आए विश्व बैंक के प्रतिनिधिमंडल ने डिब्रिफिंग बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से मुलाकात कर परियोजना की तैयारियों और आगे की कार्ययोजना पर प्रस्तुति दी।

विश्व बैंक के प्रतिनिधियों ने बताया कि परियोजना को लेकर राज्य के विभिन्न राजस्व संग्रहण करने वाले विभागों और संस्थानों के साथ विचार-विमर्श किया गया है। इनमें राज्य कर विभाग, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, ट्रेजरी निदेशालय, ऑडिट विभाग और वन विकास निगम समेत अन्य राज्य नियंत्रणाधीन संस्थान शामिल हैं। इन विभागों को परियोजना के दायरे में शामिल किया जा रहा है।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि राजस्व अर्जन से जुड़े सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि राजस्व बढ़ाने के लिए उन्हें जिस भी तरह की तकनीकी, संस्थागत या अन्य सहायता की आवश्यकता है, वह एसपीएफएम परियोजना के माध्यम से प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि परियोजना का उद्देश्य केवल राजस्व संग्रहण बढ़ाना नहीं, बल्कि राज्य की वित्तीय व्यवस्था को अधिक सक्षम, पारदर्शी और प्रभावी बनाना भी है।

मुख्य सचिव ने डिजिटल नवाचार को परियोजना में प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से सरकारी सेवाओं और प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए, ताकि इसका सीधा लाभ आम लोगों को मिल सके। उन्होंने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए परियोजना के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।

बैठक में राजस्व क्षमता बढ़ाने, वित्तीय प्रबंधन में सुधार और डिजिटल प्रणालियों के प्रभावी इस्तेमाल से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। विश्व बैंक प्रतिनिधिमंडल ने अब तक की तैयारियों और विभिन्न विभागों के साथ हुए विमर्श की जानकारी भी साझा की।

बैठक में विश्व बैंक की ओर से एस. कृष्णामूर्ति, अरविंद कुमार, आनंद और विकास तथा परियोजना की ओर से निदेशक नवनीत पांडेय, अपर परियोजना निदेशक पीसी खरे और भवतोष भट्ट मौजूद रहे।

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