प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को मैसूर स्थित श्री रामकृष्ण आश्रम परिसर में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र ‘विवेक स्मारक’ का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि विवेक स्मारक ऐसी नई पीढ़ी तैयार करने का प्रेरणा केंद्र बने, जिसके लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि हो और गरीब, वंचित तथा समाज की सेवा जीवन का उद्देश्य हो।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत मैसूर की आराध्य देवी चामुंडेश्वरी को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि उनके जीवन में रामकृष्ण मिशन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मैसूर की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यहां के मंदिर, दशहरा, राजमहल, संगीत और साहित्य देश की समृद्ध परंपरा के प्रतीक हैं। स्वामी विवेकानंद की स्मृतियां भी इसी विरासत से जुड़ी हैं।
मोदी ने कहा कि कोई व्यक्ति एक दिन में महान नहीं बनता। इसके लिए तप, साधना, संघर्ष और निरंतर समर्पण जरूरी है। उन्होंने करीब 130 वर्ष पहले स्वामी विवेकानंद के मैसूर आगमन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय उनकी प्रसिद्धि नहीं थी, लेकिन तत्कालीन महाराजा ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और सहयोग दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विवेकानंद का संदेश ‘शिव ज्ञाने, जीव सेवा’ आज भी प्रासंगिक है। रामकृष्ण आश्रम पिछले करीब एक सदी से शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा राहत और समाज सेवा के क्षेत्र में काम कर रहा है। विवेक स्मारक इसी सेवा और राष्ट्र निर्माण की भावना को आगे बढ़ाएगा।
उन्होंने कहा कि आज भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति के पीछे युवाओं की बड़ी भूमिका है। देश स्टार्टअप, डिजिटल अर्थव्यवस्था, सेमीकंडक्टर और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार ने युवाओं को अवसर देने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी विस्तार किया है।
मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, पीएम श्री स्कूल, अटल टिंकरिंग लैब और खेलो इंडिया जैसी पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं में नवाचार, वैज्ञानिक सोच और खेल प्रतिभा को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने मैसूर के लोगों से स्वच्छता, पर्यावरण और जल संरक्षण को बढ़ावा देने की अपील की।