तीस्ता प्रोजेक्ट पर भारत ने खोला बातचीत का रास्ता, चीन की बढ़ेगी टेंशन!

नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश के बीच लंबे समय से अटके तीस्ता नदी प्रोजेक्ट को लेकर एक बार फिर सकारात्मक संकेत मिले हैं। ढाका में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी और बांग्लादेश के नए विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान के बीच हुई मुलाकात के बाद दोनों देशों के रिश्तों में नई गर्माहट की उम्मीद जगी है। बैठक में तीस्ता नदी परियोजना और गंगा जल संधि के नवीनीकरण जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

बांग्लादेश में तीस्ता परियोजना को लेकर लंबे समय से भारत और चीन की भूमिका को लेकर चर्चा चल रही है। ऐसे में भारतीय उच्चायुक्त का यह बयान अहम माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच ऐसा कोई मुद्दा नहीं है, जिसे बातचीत के जरिए हल नहीं किया जा सकता।

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए त्रिवेदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को सकारात्मक नजरिए से देखा जाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि आखिरकार सभी फैसलों का केंद्र दोनों देशों के लोगों का हित होना चाहिए। भारत और बांग्लादेश के नागरिकों तथा दोनों लोकतंत्रों के हित में जो भी कदम होगा, उसे प्राथमिकता दी जाएगी।

भारतीय उच्चायुक्त ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बैठक की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान के साथ शिष्टाचार मुलाकात हुई। इस दौरान उन्होंने पारस्परिक हित और आपसी लाभ पर आधारित सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्य को ध्यान में रखकर द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्होंने दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और सहयोग को सभी क्षेत्रों में और मजबूत करने पर भी जोर दिया। इसके अलावा त्रिवेदी ने बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद चिनॉय से भी मुलाकात की। इस दौरान भारत-बांग्लादेश संबंधों को और मजबूत बनाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।

दोनों मंत्रियों से मुलाकात के बाद त्रिवेदी ने कहा कि वह पूरी स्थिति को सकारात्मक नजरिए से देख रहे हैं। उन्होंने बैठक को बेहद सकारात्मक और सार्थक बताया। माना जा रहा है कि इस पहल से तीस्ता परियोजना और गंगा जल संधि जैसे लंबे समय से लंबित मुद्दों पर आगे की बातचीत का रास्ता खुल सकता है।

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