देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, उनका थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन (टीपीआई) कराकर वित्तीय समापन की प्रक्रिया भी निर्धारित समयसीमा में पूरी की जाए।
मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने जल जीवन मिशन के द्वितीय चरण की लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पूर्ण योजनाओं का टीपीआई जल्द कराया जाए और संबंधित गांवों में ‘हर घर जल’ प्रमाणन की प्रक्रिया भी समयबद्ध तरीके से पूरी हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप परियोजनाओं की प्रगति सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि योजनाओं के लिए मिलने वाली केंद्रीय धनराशि में किसी तरह की बाधा न आए।
बैठक में जल जीवन मिशन के नोडल अधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 1,29,491 ग्रामीण परिवार हैं। इनमें से 1,29,449 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। मिशन के प्रथम चरण की सभी 333 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। वहीं, द्वितीय चरण में स्वीकृत 760 योजनाओं में से 737 योजनाएं पूरी हो गई हैं, जबकि 23 योजनाओं पर अभी काम चल रहा है। इनमें तीन योजनाएं वन भूमि से संबंधित स्वीकृतियां लंबित होने के कारण प्रभावित हैं।
अधिकारियों के अनुसार जिले के कुल 635 गांवों में से 586 गांवों को ‘हर घर जल’ प्रमाणन मिल चुका है। शेष 49 गांवों में प्रमाणन की प्रक्रिया पूरी की जानी है।
जिलाधिकारी ने योजनाओं की गुणवत्ता और कार्य प्रगति की नियमित निगरानी के निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना मिशन का मुख्य उद्देश्य है। इस कार्य में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।