ब्लैक सी में फंसे 13 भारतीय नाविक, जयशंकर ने यूक्रेन को सुनाई खरी-खरी

नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ब्लैक सी में फंसे 13 भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत ने सख्त रुख अपनाया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने ब्लैक सी में कमर्शियल जहाजों और भारतीय नाविकों पर हो रहे हमलों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। भारत ने साफ कर दिया कि युद्ध की आड़ में नागरिकों की जान जोखिम में डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

बातचीत के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि ब्लैक सी में कमर्शियल शिपिंग और भारतीय नाविकों पर हमले बेहद गंभीर चिंता का विषय हैं। किसी भी पक्ष की ओर से नागरिक जहाजों को निशाना बनाया जाना अस्वीकार्य है और भारत इसकी स्पष्ट रूप से निंदा करता है।

जयशंकर ने यह भी कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध समेत दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे संघर्षों का असर वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ रहा है। तेल, खाद और खाद्यान्न की सप्लाई प्रभावित होने से विकासशील और गरीब देशों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है। भारत का स्पष्ट मत है कि किसी भी विवाद का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति के जरिए निकाला जाना चाहिए।

वहीं, यूक्रेन के विदेश मंत्री सिबिहा ने बताया कि उन्होंने जयशंकर को राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के हालिया वॉशिंगटन दौरे और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बैठक की जानकारी दी। उन्होंने रूस पर ब्लैक सी में नागरिक बंदरगाहों और मालवाहक जहाजों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। सिबिहा ने भारत से युद्ध समाप्त कराने और शांति स्थापित करने में अपनी भूमिका बढ़ाने की अपील भी की।

विवाद के केंद्र में यूक्रेन का चोरनोमोर्स्क पोर्ट है, जहां एमवी अमीर-1 कार्गो जहाज फंसा हुआ है। जहाज पर 13 भारतीय क्रू सदस्य मौजूद हैं। रूसी ड्रोन और मिसाइल हमलों के बीच उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यूक्रेन का दावा है कि स्थानीय अधिकारी भारतीय नाविकों की मदद कर रहे हैं और भारतीय दूतावास के संपर्क में हैं।

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