मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में राज्य की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह आधुनिक और उपभोक्ता केंद्रित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि झारखंड के हर नागरिक को 24 घंटे निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से बिजली उत्पादन, संचरण और वितरण व्यवस्था को नई तकनीकों के जरिए मजबूत बनाने और बिजली कटौती की शिकायतों का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि किसी भी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर जलने की स्थिति में 24 घंटे के भीतर नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए, ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया गया।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि रांची में कुसई कॉलोनी, बरियातू और इटकी में तीन नए स्मार्ट ग्रिड स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा कई नए विद्युत उपकेंद्र भी बनाए जाएंगे। स्मार्ट ग्रिड के जरिए बिजली आपूर्ति की निगरानी, लोड प्रबंधन और तकनीकी खराबियों का त्वरित समाधान संभव होगा। इससे बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय होगी और ऊर्जा हानि में भी कमी आएगी।
मुख्यमंत्री ने राज्य की विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए जलविद्युत परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने हुंडरू, जोन्हा समेत विभिन्न जलप्रपातों और जलाशयों की क्षमता का वैज्ञानिक अध्ययन कर नई कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही सिकिदिरी जलविद्युत परियोजना के आधुनिकीकरण, आधुनिक मशीनों के उपयोग और कम जल में अधिक बिजली उत्पादन की संभावनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा।
बैठक में फ्लोटिंग सोलर और रूफटॉप सोलर परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने किसानों को सोलर पैनल लगाने के लिए सब्सिडी और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने तथा किसानों से सौर ऊर्जा खरीद की पारदर्शी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी पात्र उपभोक्ताओं को 200 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना का लाभ बिना किसी परेशानी के मिले।