देशभर में सक्रिय मॉनसून ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान समेत कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सबसे ज्यादा असर दक्षिण गुजरात में देखने को मिला, जहां कई जिले जलमग्न हो गए हैं और लोगों का सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
दक्षिण गुजरात के नवसारी और वलसाड जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। वलसाड के उमरगाम तालुका में महज 16 घंटे के भीतर रिकॉर्ड 43 इंच बारिश दर्ज की गई, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया और कई सड़कें व मकान जलमग्न हो गए। नवसारी के सारिखुरद गांव में पेट्रोल पंप के पास खड़ी कई गाड़ियां बाढ़ के पानी में डूब गईं। हालात बिगड़ने पर एनडीआरएफ की टीम ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर 67 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। राज्य सरकार ने 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
गुजरात के अलावा उत्तर प्रदेश में भी लगातार हो रही बारिश से गंगा और यमुना सहित 10 प्रमुख नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं। सीतापुर जिले में कई गांवों का संपर्क टूट गया है और ग्रामीणों को आवागमन के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। बिहार में पटना, भोजपुर और बक्सर समेत 19 जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, राजस्थान के बांसवाड़ा, डूंगरपुर सहित 11 जिलों में भी अगले 24 घंटे के दौरान तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार अगले दो दिनों तक देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। 25 जुलाई को मध्य प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं छत्तीसगढ़ और पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। 26 जुलाई को गुजरात, हिमाचल, उत्तराखंड, मध्य महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में येलो अलर्ट लागू रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।