जल जीवन मिशन पर डीएम सख्त, अधूरी परियोजनाएं जल्द पूरी करने के निर्देश

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी लंबित कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप परियोजनाओं की प्रगति सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि शेष केंद्रीय सहायता समय पर प्राप्त हो सके।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक में जिलाधिकारी ने विशेष रूप से जल जीवन मिशन के दूसरे चरण (फेज-2) की अधूरी परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, उनका थर्ड पार्टी निरीक्षण (टीपीआई) और ‘हर घर जल’ प्रमाणन बिना किसी देरी के पूरा किया जाए।

बैठक के दौरान थर्ड पार्टी निरीक्षण में हो रही देरी पर जिलाधिकारी ने संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निरीक्षण, वित्तीय समापन (फाइनेंशियल क्लोजर) और अन्य औपचारिकताओं में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

समीक्षा के दौरान नोडल अधिकारी ने बताया कि जनपद के 1,29,491 ग्रामीण परिवारों में से 1,29,449 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन (एचएचटीसी) उपलब्ध कराया जा चुका है। जल जीवन मिशन के पहले चरण की सभी 333 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। वहीं दूसरे चरण की 760 परियोजनाओं में से 734 पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 26 योजनाओं पर कार्य जारी है। इनमें से तीन परियोजनाएं वन भूमि से संबंधित स्वीकृतियों के कारण लंबित हैं।

अधिकारियों ने बताया कि अब तक 281 योजनाओं का थर्ड पार्टी निरीक्षण पूरा हो चुका है और 121 परियोजनाओं का वित्तीय समापन किया जा चुका है। जनपद के 635 गांवों में से 596 गांवों को ‘हर घर जल’ प्रमाणन मिल चुका है, जबकि 33 गांवों में प्रक्रिया जारी है। फेज-2 की परियोजनाओं पर अब तक 408.04 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जबकि 208.29 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता अभी प्राप्त होनी शेष है।

बैठक में ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों के गठन की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विकासखंडों में शेष समितियों का गठन जल्द पूरा कर मिशन को निर्धारित समय सीमा में सफल बनाने के निर्देश दिए।

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