दिल्ली में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में हुए धरना-प्रदर्शन पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के प्रदर्शन को संवैधानिक अधिकारों का दुरुपयोग बताते हुए इसे पूरी तरह राजनीतिक नौटंकी करार दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग छात्रों के हित से अधिक राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है।
मीडिया को जारी बयान में महेंद्र भट्ट ने कहा कि जैसे ही नीट परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी सामने आई, केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए परीक्षा रद्द की, दोषियों को गिरफ्तार किया और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी तरीके से दोबारा परीक्षा आयोजित कराई। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम भी समय पर घोषित किए गए, जिसमें लगभग 12 लाख छात्रों को सफलता मिली। उनके अनुसार, यह सफलता कांग्रेस और विपक्ष को स्वीकार नहीं हो रही है।
भट्ट ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने पहले जंतर-मंतर पर धरने के माध्यम से छात्रों को भ्रमित करने का प्रयास किया और इसके बाद संसद के मानसून सत्र में लगातार व्यवधान उत्पन्न कर सदन की कार्यवाही प्रभावित की। उन्होंने कहा कि विपक्ष छात्रों और सरकार के बीच टकराव का माहौल बनाना चाहता था, लेकिन जब उसमें सफलता नहीं मिली तो कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन कर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बिना पूर्व अनुमति और सूचना के प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकारों का दुरुपयोग है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत बताते हुए कहा कि इस प्रकार की राजनीति देश और लोकतांत्रिक व्यवस्था दोनों के लिए उचित नहीं है।
महेंद्र भट्ट ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय सभी दलों को समाधान की दिशा में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह युवाओं की भावनाओं का राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है, जबकि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है।