बारिश बनी आफत! 14 राज्यों में अलर्ट, कई जगह बाढ़-भूस्खलन से तबाही

देशभर में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। लगातार हो रही भारी बारिश ने कई राज्यों में बाढ़, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन जैसी गंभीर स्थितियां पैदा कर दी हैं। सबसे अधिक असर जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश और गुजरात में देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने रविवार को उत्तराखंड, सिक्किम, पश्चिम बंगाल समेत 14 राज्यों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में शनिवार देर रात बादल फटने और मूसलाधार बारिश के बाद फ्लैश फ्लड आ गई। धारहाल नदी में अचानक आए तेज बहाव से बेला स्थित न्यू बस स्टैंड क्षेत्र जलमग्न हो गया। तेज धारा में करीब 200 से 250 वाहन बह गए, जबकि कई मकानों और दुकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा। प्रशासन के अनुसार एक महिला लापता है, जिसकी तलाश जारी है। वहीं पुंछ जिले में बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में चार लोगों की मौत हो गई है। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चला रहे हैं।

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। सुरक्षा के मद्देनजर घोड़े-खच्चरों की सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। वहीं पिथौरागढ़ जिले के गरबाधार क्षेत्र में मार्ग अवरुद्ध होने से कैलाश-मानसरोवर यात्रा के चौथे जत्थे के 50 तीर्थयात्रियों को धारचूला बेस कैंप में ही रोकना पड़ा है।

पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश भी बाढ़ और भूस्खलन की मार झेल रहा है। अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, 29 लोग घायल हुए हैं और लगभग 1.49 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य के 26 जिले, 328 सर्कल और 576 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। उधर, गुजरात के सूरत में भारी बारिश से कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे यातायात प्रभावित रहा।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हालात की समीक्षा करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।

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