बन्नू स्कूल बना युवा संवाद का केंद्र

मूसलाधार बारिश और ट्रैफिक जाम के बावजूद देहरादून में जुटे हजारों छात्र-युवा

 राहुल गांधी ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार पर साधा निशाना

 परेड ग्राउंड की अनुमति रद्द होने पर कांग्रेस ने जताया विरोध

 राष्ट्रीय मीडिया की प्राथमिकताओं पर भी उठाए सवाल

– अमरनाथ सिंह, देहरादून

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का बन्नू स्कूल मैदान शुक्रवार को एक बड़े राजनीतिक और युवा संवाद कार्यक्रम का केंद्र बना। मूसलाधार बारिश और शहर में लगे भारी ट्रैफिक जाम के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र और युवा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। कांग्रेस के अनुसार, कार्यक्रम में करीब 8 से 10 हजार छात्रों और युवाओं की भागीदारी रही।

दिल्ली-एनसीआर मार्ग से देहरादून पहुंचने के दौरान राहुल गांधी का काफिला करीब आधे घंटे तक ट्रैफिक जाम में फंसा रहा, जिसके कारण कार्यक्रम निर्धारित समय से देर से शुरू हुआ। इस दौरान मंच पर मौजूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने देशभक्ति गीतों और नारों के माध्यम से कार्यक्रम का माहौल बनाए रखा। संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं में सामने आए कथित पेपर लीक और अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पटवारी-लेखपाल भर्ती और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) से जुड़े मामलों का हवाला देते हुए भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए।

इस आयोजन के राजनीतिक महत्व के साथ-साथ इसके पीछे प्रशासनिक विवाद भी चर्चा का विषय रहा। कांग्रेस ने प्रारंभ में कार्यक्रम के लिए देहरादून के परेड ग्राउंड की बुकिंग कर निर्धारित शुल्क भी जमा कराया था। पार्टी का आरोप है कि बाद में जिला प्रशासन ने हरेला पर्व से जुड़े सरकारी कार्यक्रमों का हवाला देते हुए अनुमति निरस्त कर दी। इसके विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक कार्यक्रम में बाधा बताते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, जबकि प्रशासन ने निर्णय को सरकारी कार्यक्रमों की पूर्व निर्धारित व्यवस्था से जुड़ा बताया।

इसके बाद कांग्रेस ने तत्काल रणनीति बदलते हुए कार्यक्रम को श्री गुरु नानक गर्ल्स इंटर कॉलेज (बन्नू स्कूल) मैदान में स्थानांतरित किया, जहां कम समय में ही विशाल वाटरप्रूफ पंडाल तैयार किया गया। प्रतिकूल मौसम के बावजूद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी ने इसे राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बना दिया।

अपने संबोधन में राहुल गांधी ने राष्ट्रीय मीडिया की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि युवाओं के रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों को पर्याप्त महत्व नहीं मिलता, जबकि अन्य विषयों को अधिक प्रमुखता दी जाती है। राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा प्रणाली की विफलता नहीं, बल्कि लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य और उनके परिवारों की वर्षों की मेहनत पर सीधा आघात है।

कांग्रेस का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान राजस्थान के कोटा से शुरू हुआ था और अब इसे विभिन्न राज्यों में युवाओं से संवाद के मंच के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि इस अभियान के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार, महंगी कोचिंग व्यवस्था, मानसिक तनाव और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में लाने का प्रयास किया जा रहा है।

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