उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला की पूर्व संध्या पर प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा अभियान शुरू किया है। कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने बुधवार को अपने कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 11 लाख पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उद्यान विभाग की ओर से किसानों और आम नागरिकों को विभिन्न प्रजातियों के फलदार, औषधीय और सगंध पौधे निःशुल्क वितरित किए गए।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस दौरान आम, लीची, अमरूद, नींबू, अनार और कटहल सहित कई फलदार पौधों का वितरण किया गया। कृषि मंत्री ने प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व केवल उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान ही नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का भी प्रतीक है।
गणेश जोशी ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने लोगों से पौधों को जीवित रखने और हरियाली बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष हरेला पर्व के दौरान उद्यान विभाग ने 9 लाख से अधिक फलदार पौधों का रोपण किया था। इस वर्ष इस अभियान का विस्तार करते हुए 10 लाख फलदार पौधे, 50 हजार चाय के पौधे और 50 हजार रेशम विभाग के पौधे सहित कुल 11 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत देहरादून से की गई है।
कृषि मंत्री ने कहा कि फलदार पौधों को प्राथमिकता देने का उद्देश्य यह है कि लोग उनसे भावनात्मक रूप से जुड़े रहते हैं और उनकी नियमित देखभाल करते हैं। इससे पौधों के जीवित रहने की संभावना बढ़ती है। साथ ही भविष्य में लोगों को पोषण और अतिरिक्त आय का भी लाभ मिलेगा।
उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से हरेला पर्व पर अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनका संरक्षण करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित एवं स्वच्छ उत्तराखंड के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में कैंट विधायक सविता कपूर, दायित्वधारी ज्योति कोटिया, उद्यान निदेशक डॉ. आर.के. सिंह, कृषि निदेशक दिनेश कुमार सहित विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।