महाराष्ट्र में मतदाता सत्यापन (एसआईआर) प्रक्रिया के बीच बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने बांद्रा ईस्ट विधानसभा क्षेत्र की वोटर मैपिंग को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी एस. चोकलिंगम को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि पहले ही ध्वस्त की जा चुकी गरीब नगर बस्ती के मतदाताओं की मैपिंग कथित तौर पर नियमों के विपरीत की गई।
सोमैया के अनुसार, गरीब नगर मुंबई में रेलवे की जमीन पर बनी एक अनधिकृत बस्ती थी, जिसे कुछ सप्ताह पहले रेलवे प्रशासन ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) और मुंबई पुलिस की सहायता से हटाया था। इसके बावजूद चुनाव अधिकारियों ने वहां के मतदाताओं की मैपिंग प्रक्रिया जारी रखी, जिसे उन्होंने गंभीर लापरवाही बताया है।
बीजेपी नेता का दावा है कि एसआईआर प्रक्रिया के पहले चरण में गरीब नगर के कुल 2,412 मतदाताओं में से 1,296 मतदाताओं की मैपिंग को मंजूरी दे दी गई। उनका कहना है कि संबंधित ब्लॉक लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरओ) को पहले से जानकारी थी कि बस्ती पूरी तरह हटाई जा चुकी है और वहां कोई भी निवास नहीं कर रहा है।
अपने पत्र में सोमैया ने कहा कि अधिकारियों को इस तथ्य से अवगत कराने के बावजूद उन्होंने वोटर मैपिंग की प्रक्रिया नहीं रोकी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संबंधित क्षेत्र में कोई निवासी मौजूद ही नहीं था, तो वहां मतदाताओं का सत्यापन और मैपिंग किस आधार पर की गई।
सोमैया ने चुनाव आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता गंभीर चिंता का विषय है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में इन दिनों विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता सूची का सत्यापन और अद्यतन कार्य चल रहा है। ऐसे समय में लगाए गए इन आरोपों ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।