प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ मंगलवार को महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक कर दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा की। बैठक में रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था, खाद्य सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों सहित कई रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
दोनों नेताओं ने वर्ष 2018 में स्थापित भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत हुई प्रगति की समीक्षा की और भविष्य में सहयोग के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया। खासतौर पर रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने के लिए कई संभावित समझौतों और सहमति पत्रों (एमओयू) पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में जकार्ता स्थित राष्ट्रपति भवन मर्डेका पैलेस में औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया और दोनों नेताओं ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर दोनों देशों के वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने अतिथि पुस्तिका पर हस्ताक्षर भी किए।
इंडोनेशिया दौरे के दूसरे दिन प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भारत और इंडोनेशिया के राष्ट्रीय ध्वज लेकर सड़क किनारे खड़े नजर आए। प्रधानमंत्री ने बच्चों का अभिवादन स्वीकार किया और उनके उत्साह का हाथ हिलाकर जवाब दिया। इस दौरान का वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा करते हुए इसे यादगार क्षण बताया। उन्होंने राष्ट्रपति प्रबोवो द्वारा स्वयं हवाई अड्डे पर स्वागत किए जाने को आत्मीय और सम्मानजनक बताया।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही, ऐसी भी संभावना जताई जा रही है कि इंडोनेशिया के प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर परिसर में संरक्षण और पुनर्स्थापन कार्य शुरू करने की घोषणा की जा सकती है। इससे भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है।