भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को शुरुआती बढ़त कायम नहीं रख सका और कारोबार के अंत में गिरावट के साथ बंद हुआ। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, निवेशकों की मुनाफावसूली और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी फैसलों को लेकर सतर्कता के कारण बाजार पर पूरे दिन दबाव बना रहा।
कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 104.35 अंक की गिरावट के साथ 78,180.72 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 31.65 अंक फिसलकर 24,398.70 के स्तर पर आ गया। दिन की शुरुआत हालांकि सकारात्मक रही थी। सुबह सेंसेक्स 123 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ 78,400 के ऊपर खुला था, जबकि निफ्टी 24,454.45 अंक तक पहुंच गया था। लेकिन दिन चढ़ने के साथ बिकवाली बढ़ने से बाजार अपनी बढ़त गंवा बैठा।
निफ्टी के प्रमुख शेयरों में टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाइटन और एसबीआई ने मजबूती दिखाई। दूसरी ओर अदाणी एंटरप्राइजेज, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और अदाणी पोर्ट्स जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स की 30 में से 19 कंपनियों के शेयर लाल निशान में बंद हुए, जिससे बाजार की कमजोर धारणा साफ नजर आई।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो अधिकांश सेक्टरों में दबाव देखने को मिला। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। वहीं निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी लगभग 0.9 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके विपरीत निफ्टी रियल्टी में सबसे अधिक गिरावट रही। निफ्टी मेटल करीब 1 प्रतिशत टूटा, जबकि निफ्टी एनर्जी, फार्मा और मीडिया इंडेक्स में लगभग 0.7 प्रतिशत की कमजोरी देखी गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव बना रहा।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि एशियाई बाजारों की कमजोरी, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संभावित संकेतों से पहले निवेशकों की सतर्क रणनीति ने घरेलू शेयर बाजार पर दबाव बनाया।