अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने संस्थागत निवेशकों के लिए जारी किए गए अपने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए 15,000 करोड़ रुपये (करीब 1.6 अरब डॉलर) सफलतापूर्वक जुटा लिए हैं। कंपनी को देश और विदेश के बड़े निवेशकों से उम्मीद से कहीं अधिक प्रतिक्रिया मिली, जिसके चलते शेयर बिक्री का लक्ष्य शुरुआती 10,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 15,000 करोड़ रुपये करना पड़ा।
कंपनी के इस क्यूआईपी को निवेशकों का शानदार समर्थन मिला और यह करीब 1.5 गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ। यह अदाणी समूह में संस्थागत निवेशकों के बढ़ते भरोसे का संकेत माना जा रहा है। क्यूआईपी के तहत सूचीबद्ध कंपनियां आम निवेशकों की बजाय सीधे बड़े संस्थागत निवेशकों को शेयर जारी कर पूंजी जुटाती हैं।
जानकारी के अनुसार, इस निवेश प्रक्रिया में दुनिया की कई प्रमुख निवेश कंपनियों ने हिस्सा लिया। इनमें द कैपिटल ग्रुप, गोल्डमैन सैक्स, वैनगार्ड ग्रुप और ब्लैकरॉक जैसे वैश्विक निवेशक शामिल रहे। वहीं, भारत की प्रमुख म्यूचुअल फंड कंपनियां जैसे एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट और एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट ने भी इस इश्यू में निवेश किया।
बताया जा रहा है कि निवेशकों की मजबूत रुचि के कारण लॉन्च से पहले ही ऑर्डर बुक पूरी तरह भर गई थी। यही वजह रही कि निवेशकों के साथ रोडशो सहित पूरी प्रक्रिया महज 48 घंटे के भीतर पूरी कर ली गई। कुल निवेश में लगभग 65 प्रतिशत हिस्सेदारी घरेलू संस्थागत निवेशकों की रही, जबकि 35 प्रतिशत निवेश विदेशी संस्थानों ने किया।
कंपनी ने करीब 3.47 करोड़ शेयर 2,883 रुपये प्रति शेयर के अनुमानित मूल्य पर जारी किए, जो बाजार बंद होने की पिछली कीमत से लगभग 9 प्रतिशत कम था। जुटाई गई पूंजी का उपयोग कंपनी अपने विभिन्न विस्तार परियोजनाओं में करेगी। इसमें पीवीसी (PVC) प्लांट का निर्माण, सड़क परियोजनाओं के लिए भुगतान और सोलर, एयरपोर्ट तथा कॉपर कारोबार से जुड़े कर्ज को कम करना शामिल है। कंपनी का मानना है कि इससे उसकी वित्तीय स्थिति और बैलेंस शीट पहले से अधिक मजबूत होगी।