बारिश बनी आफत, पेड़ और बिजली गिरने से 13 मौतें; कई राज्यों में मौसम का डबल अटैक

नई दिल्ली। देशभर में मौसम ने एक साथ कई रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। कहीं मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली लोगों के लिए आफत बन रही है तो कहीं भीषण गर्मी लोगों का जीना मुश्किल कर रही है। उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ में सोमवार को पेड़ गिरने और आकाशीय बिजली की अलग-अलग घटनाओं में कुल 13 लोगों की मौत हो गई। वहीं पूर्वोत्तर के कई इलाके बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में हैं, जबकि उत्तर और मध्य भारत के कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है।

उत्तर प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। लखनऊ समेत करीब 15 जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई। मिर्जापुर में भारी बारिश के कारण एक अंडरपास में करीब तीन फीट तक पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। फिरोजाबाद में दर्दनाक हादसे में एक ई-रिक्शा पर नीम का पेड़ गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए। इसके अलावा बस्ती और महराजगंज में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की जान चली गई।

बिहार के 15 जिलों में भी तेज आंधी और बारिश का असर देखने को मिला। सीतामढ़ी, मुंगेर और पटना में बिजली गिरने की घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 24 लोग झुलस गए। वहीं छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हो गई।

दूसरी ओर मध्य प्रदेश और गुजरात में मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है। मौसम विभाग के अनुसार 24 जून को इन राज्यों में पहुंचने के बाद मानसून आगे नहीं बढ़ पाया है। हालांकि विभाग ने 5 जुलाई तक पूरे देश में मानसून के सक्रिय हो जाने की संभावना जताई है।

पूर्वोत्तर भारत में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। अरुणाचल प्रदेश में लेकू नदी के उफान से असम के जोनाई क्षेत्र में बाढ़ आ गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग-515 भी जलमग्न हो गया है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, राज्य के छह जिलों में 22 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिनमें धेमाजी जिला सबसे अधिक प्रभावित है।

इधर हरियाणा के रोहतक में सबसे अधिक 43.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के दौरान छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में हीटवेव की स्थिति बने रहने की संभावना जताई गई है।

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