जयपुर। राजस्थान की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात कैदी जगन गुर्जर की हत्या के बाद जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि जिस बैरक में हत्या हुई, वहां लगा सीसीटीवी कैमरा घटना के समय खराब था। इस वजह से हत्या की पूरी वारदात कैमरे में कैद नहीं हो सकी, जिससे जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, मंगलवार सुबह नाश्ते के दौरान जगन गुर्जर और सह-कैदी विष्णु गुर्जर के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद सुबह करीब 11 बजे दोनों को एक ही बैरक में बंद किया गया, जहां पहले से 18 अन्य कैदी भी मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान विष्णु ने तौलिए से जगन का गला घोंट दिया। हैरानी की बात यह रही कि बैरक में मौजूद किसी भी कैदी ने बीच-बचाव नहीं किया। दोपहर करीब तीन बजे जब बैरक खोली गई तो जगन मृत मिला।
पूछताछ में आरोपी विष्णु ने पुलिस को बताया कि जगन उसे लगातार ताने देता था और अपमानित करता था। जांच में दोनों के बीच पुरानी रंजिश होने की भी आशंका जताई जा रही है। कुछ जानकारियों के मुताबिक, परिवार से जुड़ी कथित टिप्पणी के बाद दोनों के रिश्ते और अधिक तनावपूर्ण हो गए थे। पुलिस अब दोनों के आपराधिक इतिहास और जेल के भीतर उनके व्यवहार की भी जांच कर रही है।
जगन गुर्जर वर्ष 2022 से जेल में बंद था और मार्च 2026 में उसे अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल लाया गया था। वहीं विष्णु को करीब तीन महीने पहले ही इस जेल में स्थानांतरित किया गया था। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि दोनों के बीच तनाव की जानकारी थी तो उन्हें एक ही बैरक में क्यों रखा गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि घटना वाली पांच नंबर सेल का सीसीटीवी कैमरा पहले से खराब था, जबकि जेल के अन्य हिस्सों के कैमरे चालू थे। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कैमरा कब से खराब था और उसकी मरम्मत क्यों नहीं कराई गई। घटना के बाद पुलिस, एफएसएल टीम और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने मौके का निरीक्षण किया तथा बैरक में मौजूद अन्य कैदियों से भी पूछताछ शुरू कर दी है।
मृतक के शव को कड़ी सुरक्षा के बीच मोर्चरी में रखा गया है और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच की मांग की है।