रुड़की। कविता कारवां की साहित्यिक बैठक में काव्य पाठ के साथ वरिष्ठ साहित्यकार कुंवर सौसिंह सैनी की नई पुस्तक ‘दक्षिण भारतीय- प्राकृतिक सौंदर्य’ का भव्य विमोचन किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों और कवियों ने पुस्तक की सराहना करते हुए इसे यात्रा साहित्य की एक उपयोगी और रोचक कृति बताया।
लेखक कुंवर सौसिंह सैनी ने बताया कि पुस्तक में दक्षिण भारत की यात्रा के दौरान प्राप्त अनुभवों और प्राकृतिक सौंदर्य का विस्तृत वर्णन किया गया है। 12 अध्यायों और 49 पृष्ठों में प्रकाशित इस पुस्तक में मीनाक्षी मंदिर, कन्याकुमारी स्थित विवेकानंद स्मारक, महात्मा गांधी मेमोरियल, रामेश्वरम मंदिर, रोज़ गार्डन, चाय फैक्ट्री और बोटैनिकल गार्डन जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी सरल और रोचक शैली में प्रस्तुत की गई है।
पुस्तक की एक विशेषता यह भी है कि इसमें रुड़की से मदुरै तक की रेल यात्रा के दौरान आने वाले प्रमुख रेलवे स्टेशनों का सामाजिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक परिचय भी दिया गया है। लेखक ने यात्रा के दौरान देखी गई प्राकृतिक विविधता, स्थानीय संस्कृति और जड़ी-बूटियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को भी पुस्तक में स्थान दिया है, जिससे पाठकों को स्वयं यात्रा करने जैसा अनुभव होता है।
कार्यक्रम में उत्तराखंड के पूर्व शिक्षा निदेशक डॉ. आनंद भारद्वाज और विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ के उपकुलपति डॉ. श्रीगोपाल नारसन ने संयुक्त रूप से पुस्तक का विमोचन किया। वरिष्ठ कवि सुरेंद्र सैनी ने इसे रोचक एवं लोकोपयोगी कृति बताया, जबकि डॉ. श्रीगोपाल नारसन ने पुस्तक की काव्यात्मक समीक्षा प्रस्तुत करते हुए इसकी भाषा और प्रस्तुति की सराहना की।
बैठक में साहित्यकारों ने अपने प्रिय कवियों और शायरों की रचनाओं का पाठ कर साहित्यिक वातावरण को जीवंत बनाया। इस अवसर पर गोपाल शर्मा, अनिल वर्मा अमरोहवी, रजनीश शर्मा, नवीन शरण निश्चल, श्याम कुमार त्यागी, पंकज त्यागी असीम, सुबोध पुण्डीर ‘सरित्’, डॉ. शालिनी जोशी पंत, अलका घनशाला, शाहिदा शेख, अनुपमा शर्मा, अनुपमा गुप्ता, निखिल पंत और अर्चना त्यागी सहित अनेक साहित्यकार उपस्थित रहे।