कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट आने के बावजूद आम लोगों को ईंधन की कीमतों में राहत क्यों नहीं दी जा रही है।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में खड़गे ने कहा कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी नीचे आ चुकी हैं, लेकिन देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडर की कीमतें अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अंतरराष्ट्रीय कीमतों में कमी का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में विफल रही है और आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
खड़गे ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव और आपूर्ति संबंधी आशंकाओं के दौरान कच्चे तेल की कीमतें 138 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं। उनके मुताबिक, उस समय भी पेट्रोल और डीजल के दाम मौजूदा स्तर से कम थे। उन्होंने सवाल किया कि अब जब कच्चे तेल की कीमतें घटकर करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई हैं, तब भी ईंधन की कीमतों में अपेक्षित कमी क्यों नहीं की गई।
कांग्रेस अध्यक्ष ने रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि पहले युद्ध और आपूर्ति संकट का हवाला देकर एलपीजी के दाम बढ़ाए गए थे। लेकिन अब हालात सामान्य होने के बावजूद उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि महंगे ईंधन का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतें भी प्रभावित होती हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ईंधन पर लगाए गए करों के जरिए अतिरिक्त राजस्व जुटा रही है, जबकि महंगाई से जूझ रहे मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों को राहत देने के लिए कीमतों में कमी की जानी चाहिए।