तीन महीने की मजबूती के बाद रुपया क्यों फिसला? जानिए डॉलर के मुकाबले ताजा स्थिति

मुंबई। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया मामूली कमजोरी के साथ खुला। विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 94.36 प्रति डॉलर के स्तर पर कारोबार की शुरुआत करते हुए पिछले बंद के मुकाबले 4 पैसे कमजोर रहा।

हालांकि, रुपये में यह गिरावट ऐसे समय आई है, जब पिछले सप्ताह भारतीय मुद्रा ने उल्लेखनीय मजबूती दर्ज की थी। बीते सप्ताह रुपये में करीब 0.8 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली थी, जो लगभग तीन महीनों में उसका सबसे अच्छा साप्ताहिक प्रदर्शन माना जा रहा है।

पिछले सप्ताह के कारोबार के दौरान रुपया 94.18 प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच गया था, जो कई महीनों का उसका सर्वोच्च स्तर रहा। इससे पहले मई महीने में भारतीय मुद्रा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 97 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक फिसल गई थी। इसके बाद रुपये में लगातार सुधार देखा गया और निवेशकों का भरोसा बढ़ा।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी भारतीय मुद्रा की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, रुपये में हालिया मजबूती घरेलू आर्थिक संकेतकों में सुधार और विदेशी पूंजी प्रवाह बढ़ने से मिली थी। हालांकि, आने वाले दिनों में वैश्विक बाजारों की चाल और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम रुपये की आगे की दिशा निर्धारित करेंगे।

फिलहाल निवेशकों और कारोबारियों की नजर विदेशी मुद्रा बाजार की गतिविधियों पर बनी हुई है, क्योंकि रुपये की चाल का असर आयात-निर्यात, महंगाई और देश की समग्र अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है।

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