सिद्धबली बाबा के दर्शन को उमड़ा सैलाब, कोटद्वार में घंटों रेंगते रहे वाहन

 कोटद्वार। उत्तराखंड के प्रसिद्ध सिद्धपीठ श्री सिद्धबली बाबा मंदिर में रविवार को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मैदानी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के कारण कोटद्वार शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। सुबह से लेकर दोपहर बाद तक शहर के प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लगा रहा, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

रविवार तड़के ही सिद्धबली बाबा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया था। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती गई। शहर में कारों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, ई-रिक्शा और अन्य वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन को विशेष इंतजाम करने पड़े।

कौड़िया चेकपोस्ट पर वाहनों की अधिकता को देखते हुए पुलिस ने बालासौड़ क्षेत्र से यातायात डायवर्ट कर दिया। नजीबाबाद की ओर से आने वाले बड़े वाहनों को देवी मंदिर और पदमपुर चौराहे के रास्ते सिद्धबली मंदिर की ओर भेजा गया, ताकि मुख्य मार्गों पर दबाव कम किया जा सके।

यातायात पुलिस और कोतवाली पुलिस की टीमों ने जाम की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिनभर प्रयास किए, लेकिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण व्यवस्था बार-बार प्रभावित होती रही। झंडाचौक क्षेत्र में वन-वे व्यवस्था लागू किए जाने के दौरान समन्वय की कमी के कारण एक रोडवेज बस बीच मार्ग में फंस गई। इससे तीन प्रमुख मार्गों पर एक साथ यातायात बाधित हो गया और स्थिति और अधिक गंभीर हो गई।

कोटद्वार-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के बावजूद वाहन घंटों तक रेंगते रहे। सुबह छह बजे शुरू हुआ यातायात दबाव दोपहर बाद तक बना रहा। स्थानीय नागरिकों ने भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था करने की मांग की है।

श्रद्धालुओं का कहना है कि सिद्धबली बाबा के प्रति उनकी आस्था अटूट है, लेकिन यात्रा को सुगम बनाने के लिए प्रशासन को स्थायी समाधान तलाशने की जरूरत है।

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