देहरादून। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट तथा राज्य सरकार के मंत्रियों के खिलाफ विपक्ष द्वारा कथित तौर पर बार-बार टकराव की स्थिति उत्पन्न करने के प्रयासों की कड़ी निंदा की है। भाजपा ने इसे राजनीतिक मर्यादाओं के विपरीत बताते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं के अनुरूप नहीं हैं।
भाजपा के प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और उनके नेता सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के उद्देश्य से जानबूझकर विवाद और टकराव की स्थिति पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार किए जा रहे इस प्रकार के व्यवहार से पार्टी कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
कुंदन परिहार ने कहा कि लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने तथा जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने का पूरा अधिकार है। यदि विपक्ष सरकार की नीतियों या किसी निर्णय का विरोध करना चाहता है तो वह लोकतांत्रिक और मर्यादित तरीके से अपना विरोध दर्ज करा सकता है। उन्होंने कहा कि सांकेतिक विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक परंपराओं का हिस्सा हैं, लेकिन किसी मंत्री या जनप्रतिनिधि के वाहन के सामने लेट जाना, उनके आवागमन को बाधित करना, अभद्र भाषा का प्रयोग करना या गाली-गलौज करना किसी भी रूप में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
भाजपा नेता ने कहा कि ऐसी घटनाएं स्वस्थ लोकतांत्रिक विमर्श को नुकसान पहुंचाती हैं और समाज में गलत संदेश देती हैं। उन्होंने इसे राजनीति के बजाय विकृत मानसिकता का परिचायक बताते हुए कहा कि उत्तराखंड की पहचान सद्भाव, शालीनता और मर्यादित राजनीतिक संस्कृति से रही है, जिसे किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने दिया जाना चाहिए।
उन्होंने विपक्षी दलों से आग्रह किया कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते हुए जनहित के मुद्दों पर रचनात्मक राजनीति करें और व्यक्तिगत टकराव या अमर्यादित व्यवहार से बचें। भाजपा ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में स्वस्थ राजनीतिक संवाद और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत बनाए रखना सभी दलों की साझा जिम्मेदारी है।