मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी दबाव देखने को मिला। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेक्टर में तेज बिकवाली के चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में ही बड़ी गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। वैश्विक आईटी कंपनी एक्सेंचर के कमजोर राजस्व अनुमान ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जिसका असर भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर भी साफ दिखाई दिया।
कारोबार की शुरुआत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 703 अंक टूटकर 76,706.86 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 इंडेक्स 191.45 अंक की गिरावट के साथ 23,976.55 पर कारोबार करता दिखाई दिया।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सेंचर द्वारा जारी अपेक्षा से कमजोर राजस्व अनुमान ने वैश्विक आईटी उद्योग की विकास संभावनाओं को लेकर चिंता पैदा की है। इसका सीधा असर भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ा, क्योंकि इस क्षेत्र की कई कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजारों, विशेषकर अमेरिकी ग्राहकों पर काफी हद तक निर्भर हैं।
आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इंफोसिस, टेक महिंद्रा और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) जैसे दिग्गज शेयरों में तेज बिकवाली हुई, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
केवल आईटी सेक्टर ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार भी दबाव में रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 0.55 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करते रहे। इससे बाजार में निवेशकों की सतर्कता साफ दिखाई दी।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले गुरुवार को शेयर बाजार ने मजबूत वापसी की थी। सेंसेक्स 254.36 अंकों की बढ़त के साथ 77,409.98 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 82.30 अंक चढ़कर 24,168 के पार पहुंच गया था। हालांकि शुक्रवार को आईटी शेयरों में आई गिरावट ने बाजार की धारणा को एक बार फिर कमजोर कर दिया है।