देहरादून। उत्तराखंड के श्रीनगर शहर को जल्द ही बिजली के खंभों पर लटकते तारों से मुक्ति मिलने जा रही है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने घोषणा की है कि श्रीनगर शहर की सभी विद्युत लाइनों को चरणबद्ध तरीके से भूमिगत (अंडरग्राउंड) किया जाएगा। इसके लिए ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दे दिए गए हैं।
शुक्रवार को श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में विद्युत व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में डॉ. रावत ने कहा कि विद्युत लाइनों के भूमिगत होने से न केवल शहर का सौंदर्यीकरण होगा, बल्कि लोगों को बिजली के खंभों पर झूलते तारों से होने वाली परेशानियों और संभावित दुर्घटनाओं से भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक और सुरक्षित शहरी ढांचे के निर्माण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
कैबिनेट मंत्री ने श्रीनगर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि पहले चरण में सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों और अस्पतालों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इससे बिजली की खपत कम होगी, ऊर्जा बचत को बढ़ावा मिलेगा और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
बैठक में डॉ. रावत ने श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के उफरैंखाल में नए विद्युत सब स्टेशन की स्थापना की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि इस सब स्टेशन के निर्माण से क्षेत्र के एक बड़े हिस्से में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
इसके अलावा उन्होंने विभागीय अधिकारियों को जर्जर और क्षतिग्रस्त बिजली पोलों को बदलने, जरूरत के अनुसार पोलों की शिफ्टिंग करने, पुराने ट्रांसफार्मरों की जगह नए ट्रांसफार्मर लगाने तथा बिजली आपूर्ति को अधिक सुचारू बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने उपभोक्ताओं को नियमित रूप से हर दो माह में बिजली बिल उपलब्ध कराने और विद्युत दरों के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
डॉ. रावत ने प्रदेश के सभी राजकीय विद्यालयों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि बिजली कनेक्शन के अभाव में छात्रों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। बैठक में ऊर्जा विभाग और यूपीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।