भागलपुर। भागलपुर की जीवनरेखा माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर भारी वाहन के अवैध प्रवेश का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद जांच में लापरवाही पाए जाने पर नौ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद पुल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।
वर्तमान में विक्रमशिला सेतु बेली ब्रिज के सहारे संचालित हो रहा है और भागलपुर सहित आसपास के जिलों के लिए आवागमन का प्रमुख माध्यम बना हुआ है। सुरक्षा कारणों से पुल पर वाहनों की गति और भार को लेकर विशेष नियम लागू हैं। इसके बावजूद भारी वाहन का पुल पर पहुंच जाना प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों, व्यापारिक संगठनों और विशेषज्ञों ने केवल निलंबन की कार्रवाई को पर्याप्त नहीं माना है। उनका कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी और तकनीकी उपाय अपनाने होंगे। लोगों ने पुल के दोनों छोर पर धर्मकांटा स्थापित करने की मांग की है, ताकि वाहनों का वजन जांचकर ओवरलोड और भारी वाहनों को समय रहते रोका जा सके।
इसके अलावा अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाकर उन्हें कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जोड़ने की भी मांग की जा रही है। इससे पुल पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा सकेगी और किसी भी नियम उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी।
प्रशासन ने फिलहाल एहतियाती कदम उठाते हुए पुल के प्रवेश द्वारों पर लगे ऊंचे बैरियर को और नीचे कर दिया है, ताकि बड़े और भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोकी जा सके। भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि धर्मकांटा लगाने के लिए भूमि उपलब्धता और यातायात जाम जैसी चुनौतियां हैं। प्रशासन सभी पहलुओं का अध्ययन कर रहा है और जल्द ही सबसे उपयुक्त एवं व्यावहारिक समाधान लागू किया जाएगा।
घटना के बाद लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। आम जनता को उम्मीद है कि विक्रमशिला सेतु की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।