देहरादून। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित ‘समाधान दिवस’ इस बार कई जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया। आर्थिक तंगी के कारण गंभीर बीमारियों से जूझ रहे चार बच्चों के परिजनों की गुहार सुनते हुए प्रशासन ने उनके नि:शुल्क उपचार का रास्ता साफ कर दिया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत अब इन बच्चों का पूरा इलाज बिना किसी आर्थिक बोझ के कराया जाएगा।
ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा ने जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान सिर में रसौली, किडनी की गंभीर बीमारी और आंतों की जटिल समस्याओं से पीड़ित चार बच्चों के मामलों को प्राथमिकता देते हुए तत्काल कार्रवाई की गई।
समाधान दिवस में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने कुल 146 शिकायतें दर्ज कराईं। इनमें भूमि विवाद, अवैध कब्जे, अतिक्रमण, सीमांकन, खाता-खतौनी, जाति प्रमाण पत्र और आर्थिक सहायता से जुड़े मामले प्रमुख रहे। कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि अन्य मामलों को संबंधित विभागों को भेजकर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
ग्राम पंचायत छरबा में सरकारी बंजर भूमि पर कथित कब्जे और भू-माफियाओं द्वारा जमीन बेचने के आरोपों को प्रशासन ने गंभीरता से लिया। मामले में पुलिस और राजस्व विभाग को तत्काल जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए। शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी देने के आरोपों की भी जांच कराई जाएगी।
जनसुनवाई के दौरान दो बुजुर्गों ने अपने ही परिवार के सदस्यों द्वारा मारपीट और घर से बेदखल किए जाने की शिकायत की। इस संवेदनशील मामले में एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को जांच कर पीड़ितों को न्याय दिलाने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा सड़क मरम्मत, पेयजल बिल, प्रधानमंत्री आवास योजना, शिक्षा सहायता और अन्य जनहित से जुड़े मामलों पर भी संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा ने कहा कि जनसमस्याओं का पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समाधान दिवस में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो सके।