उत्तराखंड के स्ट्रीट फूड वेंडर्स बनेंगे टूरिज्म के नए चेहरे, 240 लोगों को मिला खास प्रशिक्षण

 देहरादून। उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (यूटीडीबी) ने राज्य की पर्यटन व्यवस्था को नई मजबूती देने की दिशा में एक अभिनव पहल की है। अब उत्तराखंड के स्ट्रीट फूड वेंडर्स केवल खाद्य पदार्थ बेचने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे राज्य की पर्यटन छवि को मजबूत करने वाले अनौपचारिक ब्रांड एंबेसडर की भूमिका भी निभाएंगे। इसी उद्देश्य से राज्य के 240 स्ट्रीट फूड वेंडर्स को विशेष प्रशिक्षण देकर प्रमाणित किया गया है।

जून माह में आयोजित ‘रिकग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग’ (आरपीएल) कार्यक्रम के तहत रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, ग्राहक व्यवहार और डिजिटल भुगतान प्रणाली से संबंधित व्यापक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सभी प्रतिभागियों को प्रतिष्ठित ‘फोस्टैक’ (फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन) प्रमाणपत्र वितरित किए गए।

पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी पर्यटन स्थल की पहचान केवल प्राकृतिक सौंदर्य से नहीं, बल्कि वहां मिलने वाले स्थानीय भोजन और पर्यटकों के साथ किए जाने वाले व्यवहार से भी बनती है। ऐसे में प्रशिक्षित और प्रमाणित स्ट्रीट फूड वेंडर्स पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस पहल का उद्देश्य केवल रोजगार को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि स्थानीय व्यवसायियों को पेशेवर पहचान और सम्मान दिलाना भी है। प्रशिक्षण के दौरान वेंडर्स को सुरक्षित खाद्य प्रबंधन, व्यक्तिगत स्वच्छता, खाद्य गुणवत्ता बनाए रखने और डिजिटल लेन-देन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इससे न केवल पर्यटकों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि छोटे व्यवसायियों की आय और कार्यक्षमता में भी सुधार आएगा।

उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड की यह पहल राज्य को पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे विदेशी और घरेलू पर्यटकों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्ट्रीट फूड का अनुभव मिलेगा, जिससे उत्तराखंड की आतिथ्य संस्कृति को भी नई पहचान मिलेगी।

नगर निगम प्रेक्षागृह से शुरू हुई यह मुहिम भविष्य में राज्य के अन्य पर्यटन स्थलों और तीर्थ क्षेत्रों तक विस्तारित की जाएगी। इससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

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