हरिद्वार। सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा है। 15 जून को पड़ रही सोमवती अमावस्या का धार्मिक महत्व इस बार और बढ़ गया है, क्योंकि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि जैसे दुर्लभ शुभ योग भी बन रहे हैं। इन विशेष संयोगों के कारण देशभर से लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के लिए हरिद्वार पहुंच रहे हैं।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते हरिद्वार और उससे जुड़े प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग, बिजनौर रोड और शहर के प्रवेश मार्गों पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। वाहनों की अत्यधिक संख्या के कारण यात्री घंटों तक ट्रैफिक में फंसे रहने को मजबूर हैं।
इस बार सोमवती अमावस्या का पर्व चारधाम यात्रा के व्यस्त सीजन और गर्मी की छुट्टियों के साथ पड़ने से श्रद्धालुओं की संख्या में और अधिक वृद्धि हुई है। ट्रेनों और बसों में सीटों की भारी मांग के चलते बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों से हरिद्वार पहुंच रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप शहर के अधिकांश पार्किंग स्थल पहले ही पूरी तरह भर चुके हैं और सड़कों पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
भीषण गर्मी ने श्रद्धालुओं की परेशानी को और बढ़ा दिया है। लंबे समय तक जाम में फंसे रहने से विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि रेलवे और प्रशासन की ओर से भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं। रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन किया है, जबकि पुलिस प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया है।
इसके बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षा से कहीं अधिक होने के कारण व्यवस्थाओं पर भारी दबाव बना हुआ है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और यात्रियों से धैर्य बनाए रखने तथा निर्धारित यातायात नियमों का पालन करने की अपील कर रहा है।
सोमवती अमावस्या के अवसर पर हरिद्वार में आस्था का यह महासंगम एक ओर धार्मिक उत्साह का प्रतीक है, तो दूसरी ओर बढ़ती भीड़ के बीच प्रभावी यातायात और व्यवस्थागत चुनौतियों की भी परीक्षा बन गया है।