डोईवाला। डोईवाला क्षेत्र में चल रहे राशन कार्ड सत्यापन अभियान के दौरान बड़ी संख्या में अपात्र लाभार्थियों की पहचान की गई है। प्रशासन की ओर से अब तक 233 राशन कार्डों को निरस्त करने की संस्तुति की जा चुकी है। इसके साथ ही 949 यूनिट को भी सूची से हटाने की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल के निर्देशन में नगर पालिका, खंड विकास कार्यालय और आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीमें क्षेत्र में घर-घर जाकर राशन कार्डों का सत्यापन कर रही हैं। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र और जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचे।
सत्यापन के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें लाभार्थियों की मृत्यु हो चुकी है या वे लंबे समय पहले क्षेत्र छोड़ चुके हैं, लेकिन उनके नाम पर राशन कार्ड सक्रिय बने हुए थे। इसके अलावा कुछ ऐसे परिवार भी चिन्हित किए गए हैं जिनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो चुका है और वे अब राशन योजना की पात्रता की श्रेणी में नहीं आते।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी विभूति जुयाल ने बताया कि जांच के दौरान ऐसे मामलों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है, जहां अन्य राज्यों से आए लोग अपने मूल राज्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के साथ-साथ उत्तराखंड में भी राशन और अन्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे मामलों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि अब तक 233 राशन कार्ड और 949 यूनिट निरस्त करने की संस्तुति संबंधित अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। साथ ही लोगों को कार्यालय में पहुंचकर स्वयं भी अपने राशन कार्ड का सत्यापन कराने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
प्रशासन का मानना है कि इस तरह के सत्यापन अभियानों से फर्जी और अपात्र लाभार्थियों को सूची से हटाने में मदद मिलेगी। इससे वास्तविक जरूरतमंद और पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेगा। अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा और संदिग्ध मामलों की गहन जांच की जाएगी।