Delhi Fire Incident: शेफ केशव की गिरफ्तारी पर बोले गोदियाल – ‘बलि का बकरा’ बना ‘पहाड़ी’

केशव नेगी को न्याय कब? : दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड (21 मौतें) में उत्तराखंड के गरीब शेफ केशव नेगी की गिरफ्तारी पर उत्तराखंड में भारी राजनीतिक उबाल है। कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा से जुड़े रसूखदार होटल मालिक को बचाने के लिए धामी सरकार और उत्तराखंड के भाजपा सांसद मौन हैं । गोदियाल ने पीड़ित परिवार से मिलकर 'ग्राम देवता' से न्याय की गुहार लगाई है…

-ममता सिंह

नई दिल्ली/देहरादून। दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड में गिरफ्तार उत्तराखंड के शेफ केशव नेगी को साकेत कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केशव की जमानत याचिका खारिज कर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस बीच, इस हादसे ने अब एक बेहद संवेदनशील राजनीतिक और उत्तराखंडी अस्मिता का रूप ले लिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गणेश गोदियाल ने इस मुद्दे पर केंद्र की भाजपा सरकार और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सीधे कठघरे में खड़ा किया है। गोदियाल ने आरोप लगाया है कि आरएसएस पृष्ठभूमि से जुड़े रसूखदार होटल मालिक को बचाने के लिए एक गरीब पहाड़ी को ‘बलि का बकरा’ बनाया जा रहा है। इसी सिलसिले में गोदियाल ने केशव के पैतृक गांव पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया और कहा कि जब सत्ता बहरी हो चुकी है, तो वे अब उत्तराखंड के ‘ग्राम देवता’ से ही इंसाफ की गुहार लगाएंगे।

याद दिला दें कि 4 जून को हुए इस भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने होटल प्रबंधन की सुरक्षा खामियों को दरकिनार करते हुए 6 जून को शेफ केशव को गैर-इरादतन हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को कोर्ट में केशव के साथ होटल से जुड़े दूसरे आरोपी लोवकेश बजाज को भी पेश किया गया था। इस गिरफ्तारी के बाद से ही उत्तराखंड के जनमानस में गहरा आक्रोश है, जिसे रसूख बनाम एक गरीब उत्तराखंडी की अस्मिता की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है।

इस पूरे घटनाक्रम पर केशव के वकील एडवोकेट दीपक प्रकाश का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने भारी गलतफहमी या किसी के बहकावे में आकर यह कार्रवाई की है। कानूनी पक्ष रखते हुए उन्होंने साफ किया कि हादसे की वजह किचन की लापरवाही नहीं, बल्कि शॉर्ट सर्किट थी। केशव ने सुबह चाय बनाने के बाद इलेक्ट्रिक स्टोव को पूरी तरह बंद कर दिया था, जिसके बाद उसमें ब्लास्ट हुआ। एक अनुभवी शेफ होने के नाते केशव ने जिम्मेदारी दिखाते हुए तुरंत मेन स्विच भी बंद किया था। वकील का दावा है कि केशव को आरोपी के बजाय गवाह बनाया जाना चाहिए था और वे अगले 7 दिनों में उसे सलाखों से बाहर ले आएंगे।

दूसरी तरफ, गणेश गोदियाल ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और भाजपा सांसदों की भूमिका पर तीखे सवाल दागे हैं। उन्होंने तंज कसा कि जब केंद्रीय गृह मंत्रालय अमित शाह के अधीन है और मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री से सीधी बातचीत होती है, तो वे अपने राज्य के एक बेकसूर नागरिक के लिए चुप क्यों हैं? क्या दिल्ली में बैठे उत्तराखंड के सांसदों की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती? गोदियाल ने भावुक होते हुए कहा कि सत्ताधारियों के आगे बेबस होने के कारण वे अब ईश्वरीय न्याय की शरण में हैं। साफ है कि यह मामला अब केवल एक कानूनी पेच नहीं, बल्कि उत्तराखंडी अस्मिता बनाम सत्ता के रसूख की एक बड़ी राजनीतिक जंग में तब्दील हो चुका है।

 

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