नैनीताल को 96 करोड़ की सौगात, मुख्यमंत्री ने की कई बड़ी घोषणाएं

देहरादून/भीमताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नैनीताल जनपद को 96.71 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी। इनमें 67 करोड़ रुपये की छह विकास योजनाओं का लोकार्पण और 29.71 करोड़ रुपये की सात नई योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। भीमताल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास, पर्यटन, सड़क संपर्क और धार्मिक स्थलों के संवर्धन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भीमताल में सैनिकों और व्यापारियों के लिए बहुउद्देशीय भवन का निर्माण किया जाएगा। साथ ही भीमेश्वर मंदिर और ओखलकांडा स्थित पशुपतिनाथ मंदिर को मंदिर माला मिशन से जोड़ा जाएगा। उन्होंने रामगढ़ ब्लॉक के ओढ़ाखान-मुक्तेश्वर मोटर मार्ग और जीप मार्ग के मिलान, रामगढ़ उप तहसील के शीघ्र संचालन तथा क्षेत्र में प्राधिकरण संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित करने की भी घोषणा की।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को मानव जीवन और भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, झीलें, वन और हिमालयी क्षेत्र केवल पर्यटन की पहचान नहीं हैं, बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और जीवन का आधार भी हैं। इसलिए पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के सामने गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। बढ़ता तापमान, अनियमित वर्षा, सूखते जल स्रोत, पिघलते ग्लेशियर और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाएं इसके स्पष्ट संकेत हैं। इसका प्रभाव कृषि, जैव विविधता, जल संसाधनों और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर भी पड़ रहा है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे ‘मिशन लाइफ’ और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों का दायित्व नहीं है, बल्कि जनभागीदारी से ही बड़े बदलाव संभव हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपनी मां के नाम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने की अपील की।

धामी ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने सकल पर्यावरण उत्पाद (जीईपी) की अवधारणा को लागू किया है। यह दर्शाता है कि राज्य सरकार आर्थिक विकास के साथ-साथ जंगल, जल और जैव विविधता के संरक्षण को भी समान महत्व दे रही है। उन्होंने वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि छोटी सी सतर्कता हजारों पेड़ों और वन्य जीवों को बचा सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास को अंतिम छोर तक पहुंचाना है। नैनीताल की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी जा रही है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने भी विभिन्न विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

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