DM का सख्त संदेश: जन शिकायतों में लापरवाही पर होगी कार्रवाई, अधिकारियों को चेतावनी

 हरादून। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर दर्ज जन शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। गुरुवार को आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि जन शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लंबित मामलों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि 36 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए तथा शिकायतकर्ता की पूर्ण संतुष्टि सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री के “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि” के मूल मंत्र को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर देते हुए सभी विभागों को नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक विभाग में एक टास्क ऑफिसर नामित किया जाए, जो प्रतिदिन प्राप्त शिकायतों की समीक्षा कर उनके त्वरित समाधान को सुनिश्चित करे। साथ ही विभागों को यह प्रमाणित करने के लिए भी कहा गया कि लेवल-1 पर प्राप्त शिकायतों की नियमित निगरानी की जा रही है।

उन्होंने लेवल-2 पर लंबित शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि बड़े विभागों में तीन अंकों और छोटे विभागों में दो अंकों से अधिक शिकायतें लंबित नहीं रहनी चाहिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर उन्हें निस्तारण की जानकारी देने और फीडबैक प्राप्त करने के भी निर्देश दिए।

समीक्षा में पाया गया कि लोक निर्माण विभाग, शहरी विकास, पुलिस, ऊर्जा, जल संस्थान और राजस्व विभाग में बड़ी संख्या में शिकायतें लंबित हैं। वहीं 36 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सबसे पीछे रहा। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश दिए।

बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के किसी भी अधिकारी के उपस्थित न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को कारण बताओ नोटिस जारी किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सोमवार आयोजित होने वाले “समाधान दिवस” में प्राप्त शिकायतों को उसी दिन सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाए, ताकि उनकी प्रभावी मॉनिटरिंग और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि जन समस्याओं के समाधान में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.