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‘मन की बात’ में पीएम मोदी की खास अपील, गर्मी से बचाव के लिए बताए देशी नुस्खे

 नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड में देशवासियों को भीषण गर्मी और हीटवेव से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए, अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचना चाहिए और स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने भारतीय परंपरा में गर्मी से राहत देने वाले देशी पेय पदार्थों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आम पन्ना, लस्सी, छाछ, सत्तू शरबत, कोकम शरबत, सोल कढ़ी, पानकम, नीर मोर और सम्बारम जैसे पारंपरिक पेय न केवल शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और स्वास्थ्य परंपरा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने लोगों से स्थानीय और पारंपरिक पेय पदार्थों को अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने भारतीय एथलेटिक्स की उपलब्धियों पर भी गर्व व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि हाल ही में पुरुषों की 100 मीटर दौड़ का राष्ट्रीय रिकॉर्ड दो दिनों के भीतर तीन बार टूटा, जो भारतीय खेल जगत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने युवा धावकों गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर की विशेष सराहना की। गुरिंदरवीर सिंह ने रांची में आयोजित फेडरेशन कप में 10.09 सेकंड का समय निकालकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया।

आम के मौसम का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों में मिलने वाली प्रसिद्ध आम की प्रजातियों की चर्चा की। उन्होंने हापुस, अल्फांसो, केसर, दशहरी, लंगड़ा, बंगनपल्ली, तोतापुरी, नीलम और हिमसागर आम का उल्लेख करते हुए आम उत्पादक किसानों की मेहनत की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारतीय आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी हालिया नीदरलैंड यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वहां से चोल काल की 1000 वर्ष से अधिक पुरानी 24 ताम्रपट्टिकाएं भारत को वापस सौंपी गई हैं। उन्होंने कहा कि यह देश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इन अभिलेखों से इतिहास, संस्कृति तथा शासन व्यवस्था के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है।

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