देहरादून। उत्तराखंड में बिजली चोरी पर अंकुश लगाने और वितरण के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने के लिए ऊर्जा निगम ने अभियान तेज कर दिया है। कुमाऊं मंडल में पुलिस की मदद से की गई कार्रवाई के दौरान बिजली चोरी के 250 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी बिजली चोरी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
कई क्षेत्रों में बिजली वितरण का नुकसान बड़ी चुनौती
ऊर्जा निगम के अनुसार, राज्य के कुछ मैदानी क्षेत्रों में बिजली वितरण के दौरान होने वाला नुकसान निर्धारित स्तर से काफी अधिक है। इसमें बिजली चोरी, बिलों की बकाया राशि और तकनीकी कारणों से होने वाली बिजली हानि शामिल है। इससे निगम की आय प्रभावित होती है और बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर आर्थिक दबाव बढ़ता है।
उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के टैरिफ आदेश में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, गदरपुर में 30.58 प्रतिशत, जसपुर में 27 प्रतिशत, खटीमा में 53 प्रतिशत, लक्सर में 27 प्रतिशत, लंढौरा में 69.40 प्रतिशत, मंगलौर में 47.62 प्रतिशत और सितारगंज में 27.25 प्रतिशत वितरण हानि दर्ज की गई है। हालांकि, इन आंकड़ों की संबंधित अवधि और गणना पद्धति के आधार पर पुष्टि जरूरी है।
तीन वर्षों में घटा-बढ़ा वितरण नुकसान
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ऊर्जा निगम का कुल वितरण नुकसान वित्तीय वर्ष 2021-22 में 14.70 प्रतिशत था। वर्ष 2022-23 में यह बढ़कर 16.39 प्रतिशत हो गया, जबकि 2023-24 में घटकर 15.63 प्रतिशत पर आ गया। आंकड़े बताते हैं कि नुकसान कम करने के लिए लगातार निगरानी और प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है।
दोहरे मीटर से होगी बिजली खपत की निगरानी
बिजली चोरी और वितरण हानि की पहचान के लिए ऊर्जा निगम ट्रांसफार्मर स्तर पर बिजली की आपूर्ति और खपत का मिलान करने के लिए दोहरे मीटर लगा रहा है। इससे आपूर्ति और बिल की गई खपत के बीच अंतर का पता लगाने में मदद मिलेगी।
यूपीसीएल के कुमाऊं क्षेत्र के मुख्य अभियंता शेखर त्रिपाठी के अनुसार, हल्द्वानी, रामनगर और काशीपुर में पुलिस की मदद से अभियान चलाकर 250 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस बल उपलब्ध होने पर अभियान आगे भी जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी से होने वाला आर्थिक नुकसान सरकार और आम उपभोक्ताओं, दोनों को प्रभावित करता है। उन्होंने ऊर्जा विभाग को सख्ती से कार्रवाई करने और जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद लेने के निर्देश दिए हैं।
