अमेरिका में अचानक गूंजा जोरदार धमाका, जांच में सामने आई हैरान करने वाली वजह

 वाशिंगटन। अमेरिका के बोस्टन और न्यू इंग्लैंड क्षेत्र में शनिवार दोपहर अचानक सुनाई दिए एक तेज धमाके ने लोगों को हैरान कर दिया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि कई लोगों को भूकंप, बम विस्फोट या किसी बड़े हादसे की आशंका होने लगी। घबराए लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं।

घटना के कुछ समय बाद अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह कोई आतंकी हमला या सैन्य गतिविधि नहीं थी, बल्कि अंतरिक्ष से पृथ्वी की ओर आया एक विशाल उल्कापिंड था, जो वायुमंडल में प्रवेश करते ही विस्फोट के साथ कई टुकड़ों में टूट गया।

नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार यह आग के गोले जैसा विशाल उल्कापिंड स्थानीय समयानुसार दोपहर 2 बजकर 6 मिनट पर दर्ज किया गया। इसकी रफ्तार लगभग 1,20,700 किलोमीटर प्रति घंटे थी। यह उत्तर-पूर्वी मैसाचुसेट्स और दक्षिण-पूर्वी न्यू हैम्पशायर के ऊपर करीब 64 किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंचा, जहां वायुमंडल के घर्षण के कारण यह अचानक टूट गया और एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ।

वैज्ञानिकों ने बताया कि इस विस्फोट से उत्पन्न ऊर्जा लगभग 300 टन टीएनटी विस्फोटक के बराबर थी। धमाका इतना तेज था कि उसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी और कई इलाकों में हल्का कंपन भी महसूस किया गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि उल्कापिंड पृथ्वी की सतह तक पहुंचने से पहले ही नष्ट हो गया, जिससे किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली।

घटना के बाद स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी संख्या में लोगों के फोन आए। कई लोग धमाके की वजह जानना चाहते थे। बाद में प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए लोगों को आश्वस्त किया कि किसी तरह का खतरा नहीं है।

नासा ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई अंतरिक्ष मलबा या निष्क्रिय उपग्रह नहीं था, बल्कि एक प्राकृतिक खगोलीय पिंड था। वैज्ञानिकों का कहना है कि इतने बड़े और तेज गति वाले फायरबॉल का वायुमंडल में प्रवेश करना बेहद दुर्लभ घटना है, जिसने लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया।

Leave A Reply

Your email address will not be published.