भारत को मिला नया CDS, क्या जनरल एनएस राजा सुब्रमणि पूरा कर पाएंगे सबसे बड़ा सैन्य सुधार?

 नई दिल्ली। देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने रविवार को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लिया। दक्षिण ब्लॉक लॉन्स में आयोजित समारोह में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके साथ ही वह भारत के तीसरे सीडीएस बन गए। उन्होंने जनरल अनिल चौहान का स्थान लिया है, जो शनिवार को सेवानिवृत्त हुए।

पदभार संभालने के बाद जनरल सुब्रमणि ने कहा कि भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना और रक्षा मंत्रालय देश की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए एकजुट होकर काम करेंगे। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि स्वदेशी हथियारों और सैन्य उपकरणों के विकास, खरीद और उपयोग की प्रक्रिया को और गति दी जाएगी। साथ ही आधुनिक युद्ध की बदलती चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सेना में नवाचार और नई तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा।

रक्षा मामलों के जानकारों के अनुसार जनरल सुब्रमणि चीन और पाकिस्तान से जुड़े सामरिक विषयों के विशेषज्ञ माने जाते हैं। ऐसे समय में उनका नेतृत्व महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब भारत अपनी सैन्य संरचना में व्यापक बदलावों की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

नए सीडीएस के सामने सबसे बड़ी चुनौती तीनों सेनाओं के लिए प्रस्तावित थिएटर कमांड व्यवस्था को लागू करना होगा। यह प्रणाली भारतीय रक्षा ढांचे में एक बड़े सुधार के रूप में देखी जा रही है। वर्तमान में सेना, नौसेना और वायुसेना की कुल 17 अलग-अलग कमांड हैं, जो अपने-अपने स्तर पर कार्य करती हैं। हालांकि सैन्य अभियानों के दौरान तीनों सेनाएं समन्वय से काम करती हैं, लेकिन उनकी कमान अलग-अलग अधिकारियों के पास रहती है।

प्रस्तावित थिएटर कमांड व्यवस्था के तहत किसी विशेष क्षेत्र या मिशन के लिए एकीकृत कमांडर नियुक्त किया जाएगा, जिसके अधीन तीनों सेनाओं की इकाइयां मिलकर काम करेंगी। इससे सैन्य अभियानों में बेहतर तालमेल, त्वरित निर्णय और संसाधनों का प्रभावी उपयोग संभव हो सकेगा।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जनरल एनएस राजा सुब्रमणि थिएटर कमांड प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू कर पाते हैं, तो यह स्वतंत्र भारत के सैन्य इतिहास के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण सुधारों में से एक साबित हो सकता है।

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